पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के स्वागत में सजे हस्तकला संकुल में काशी के कला-शिल्प का संसार आकार ले चुका है। पीएम मोदी अपने विदेशी मेहमान के साथ जब यहां आएंगे तो उनके सामने विविध रंगों से परिपूर्ण काशी जीवंत हो उठेगी।
कहीं तबले की थाप पर शहनाई की मंगलध्वनि तो कहीं अपनी कलाओं को तराशते शिल्पी। रविवार को शिल्पियों, बुनकरों और कलाकारों के रिहर्सल के बीच संकुल की भव्यता पर निगाहें ठहर जा रही थीं। देर शाम तक सभी तैयारियाें को फाइनल टच दे दिया गया।
सोमवार को अपने विदेशी मेहमान के साथ पीएम मोदी दोपहर करीब एक बजे बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचेंगे। उनका स्वागत शहनाई की मधुर धुन से होगा। शहनाई वादक उस्ताद अली अब्बास खान अपनी टीम के साथ रिहर्सल में जुटे थे।
जब दोनों वीवीआईपी संकुल में प्रवेश करेंगे तो एक तरफ एंफीथिएटर में चित्रकूट का मंचन चलता रहेगा तो दूसरी तरफ पत्थर, काष्ठ, वस्त्र से जुड़े शिल्पी, बुनकर अपनी-अपनी विधाओं का सजीव प्रदर्शन।
आठ जीआई उत्पादों की लाइव प्रदर्शनी (उनको तैयार करने का तरीका और तैयार उत्पाद) देखने के बाद पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष संग्रहालय का अवलोकन करेंगे।
यहां हस्तशिल्प से जुडे़ विभिन्न उत्पाद, काशी के खान-पान, जीवन शैली के अलावा गौरवमयी विरासत की झलक वाले आभूषण, शिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। इसके बाद वे कॉलीन गैलरी और फिर संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित कठपुतली नृत्य का आनंद उठाएंगे। विजिटर बुक पर अपने अनुभव उकेरेंगे और निकल जाएंगे।