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पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के सामने जीवंत होंगे काशी के विविध रंग

Mon, 12 Mar 2018 11:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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कलाकारों के रिहर्सल में झलकी भव्यता, तैयारियां हुईं मुकम्मल - फोटो : अमर उजाला
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पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के स्वागत में सजे हस्तकला संकुल में काशी के कला-शिल्प का संसार आकार ले चुका है। पीएम मोदी अपने विदेशी मेहमान के साथ जब यहां आएंगे तो उनके सामने विविध रंगों से परिपूर्ण काशी जीवंत हो उठेगी।
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कहीं तबले की थाप पर शहनाई की मंगलध्वनि तो कहीं अपनी कलाओं को तराशते शिल्पी। रविवार को शिल्पियों, बुनकरों और कलाकारों के रिहर्सल के बीच संकुल की भव्यता पर निगाहें ठहर जा रही थीं। देर शाम तक सभी तैयारियाें को फाइनल टच दे दिया गया। 

सोमवार को अपने विदेशी मेहमान के साथ पीएम मोदी दोपहर करीब एक बजे बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल पहुंचेंगे। उनका स्वागत शहनाई की मधुर धुन से होगा। शहनाई वादक उस्ताद अली अब्बास खान अपनी टीम के साथ रिहर्सल में जुटे थे।
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जब दोनों वीवीआईपी संकुल में प्रवेश करेंगे तो एक तरफ एंफीथिएटर में चित्रकूट का मंचन चलता रहेगा तो दूसरी तरफ पत्थर, काष्ठ, वस्त्र से जुड़े शिल्पी, बुनकर अपनी-अपनी विधाओं का सजीव प्रदर्शन।

आठ जीआई उत्पादों की लाइव प्रदर्शनी (उनको तैयार करने का तरीका और तैयार उत्पाद) देखने के बाद पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष संग्रहालय का अवलोकन करेंगे।

यहां हस्तशिल्प से जुडे़ विभिन्न उत्पाद, काशी के खान-पान, जीवन शैली के अलावा गौरवमयी विरासत की झलक वाले आभूषण, शिल्प प्रदर्शित किए गए हैं। इसके बाद वे कॉलीन गैलरी और फिर संस्कृति मंत्रालय की ओर से आयोजित कठपुतली नृत्य का आनंद उठाएंगे। विजिटर बुक पर अपने अनुभव उकेरेंगे और निकल जाएंगे।

राजसी ठाट से देखेंगे चित्रकूट का मंचन

संकुल में सजा कला-शिल्प का संसार - फोटो : अमर उजाला

राम वनगमन, उनकी अयोध्या वापसी और फिर भरत-शत्रुघभन से उनके स्नेह मिलन तक की लीला ‘चित्रकूट’ में नजर आएगी। रविवार को कलाकारों ने इसके मंचन का फाइनल रिहर्सल किया। पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति कुछ देर ‘चित्रकूट’ का मंचन देखेंगे।

उनके बैठने के लिए संकुल के एंफीथिएटर में शाही अंदाज में व्यवस्थाएं की गई हैं। संकुल में रामलीला पर आधारित सुग्रीव, बाली, नल-नील, अंगद के 200 साल पुराने मुखौटे भी आकर्षण का केंद्र बने हैं। मौनी बाबा रामलीला कमेटी की ओर से ये उपलब्ध कराए गए हैं। 

सूत और ऊन से बनाया जा रहा फ्रांस का ध्वज 
पीएम मोदी अपने विदेशी मेहमान के साथ शिल्पोत्सव का भी अवलोकन करेंगे। शिल्पोत्सव में भारत और फ्रांस के प्रगाढ़ रिश्तों की झलक भारतीय हस्तशिल्प के नमूनों से पेश की जाएगी। भारतीय-ताने बाने में फ्रांस की आन-बान-शान का प्रतीक वहां का राष्ट्रध्वज तैयार किया जा रहा है।

भारतीय सूत और ऊन से 14 इंच चौड़ा और दो-दो फीट लंबा ध्वज बनाया जा रहा है। कछवा रोड के पूरे गांव के रहने वाले शिल्पी प्यारेलाल इसे अंतिम रूप दे रहे हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति को फ्रांस के ध्वज की आकृति वाली हस्त निर्मित पंजा दरी भी भेंट की जाएगी। 
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राष्ट्राध्यक्ष को भेंट करेंगे ‘एफिल टॉवर’

Modi-Macron, India-France
गाज़ीपुर के पहाड़पुर गांव के मास्टर युवा शिल्पी कैसर जहां ने जूट वाल हैंगिंग पर बना ‘एफिल टावर’ फ्रांस के राष्ट्रपति को भेंट करने की पेशकश की है। ऐतिहासिक एफिल टावर फ्रांस में ही है। गाज़ीपुर वालहैंगिंग को शीघ्र ही जीआई पंजीकरण का प्रमाण पत्र मिलने वाला है। कैसर जहां ने बताया कि उन्होंने सात दिन में ‘एफिल टावर’ की आकृति वाली वॉल हैंगिंग तैयार की है। डॉ. रजनी कांत ने बताया कि वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट योजना में गाजीपुर की वालहैंगिंग को ही चयनित किया गया है।
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