वीवीआईपी के शहर आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के 12 मार्च को वाराणसी आगमन के मद्देनजर एसपीजी के अधिकारी नौ मार्च को शहर आ जाएंगे। इसके साथ ही केंद्रीय खुफिया और सुरक्षा इकाइयों के अधिकारी भी आ जाएंगे। दोनों वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 8500 से अधिक पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए जाएंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति के गंगा दर्शन के मद्देनजर सामने घाट से राजघाट तक घाटों किनारे रहने वालों का ब्यौरा जुटाने और वेरिफिकेशन का काम स्थानीय खुफिया इकाइयों ने शुरू कर दिया है।
इसी तरह घाट किनारे के होटल, लॉज, धर्मशाला, मठ, आश्रम और पेइंग गेस्ट हाउस भी खुफिया इकाइयों की निगरानी में है। सोमवार को सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री और आईजी रेंज दीपक रतन ने एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज से जानकारी ली।
इसके साथ ही ड्रोन कैमरे की मदद से अस्सी से दशाश्वमेध घाट तक के क्षेत्र का जायजा लिया गया। इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि सुरक्षा संबंधी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही गंगा घाटों सहित धर्म, पर्यटन और पुरातत्व के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सभी स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
गंगा में गिर रहे 15 से अधिक नालों ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता
चौबीसों घंटे नालों से गिरते मल-जल से हालात भयावह
- फोटो : अमर उजाला
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों और पीएम नरेंद्र मोदी के गंगा में नौका विहार को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। दोनों नेता अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक नौक विहार करेंगे। इस दौरान पड़ने वाले सभी घाटों को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा और शहर की प्राचीनता को दर्शाया जाएगा।
दरअसल, प्रशासन गंगा में गिरने वाले नालों को एमैनुअल मैक्रों की नजरों से दूर रखना चाहता है। अस्सी घाट से दशाश्वमेध घाट तक गंगा में गिरने वाले 15 से अधिक नालों को कैसे ढका जाए या उन्हें कैसे रोका जाए, इसे लेकर सोमवार को मंत्री से लेकर अधिकारी तक परेशान रहे। सभी वरिष्ठ अफसरों से पर राय मांगी गई।
वहीं पीएम की यात्रा से पहले गंगा में पानी छोड़ने के लिए सोमवार को शासन से फिर वार्ता की गई। राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर सर्किट हाउस में बैठक की।
इसके बाद कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने अपने कैंप कार्यालय में बैठक की। इस दौरान पीएम की आवाजाही के रूट 10 मार्च तक दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। निगम को शहर में सफाई व्यवस्था और दुरुस्त करने को कहा गया। घाटों पर प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष रूप से फोकस करने को कहा गया है।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने पीएम मोदी की यात्रा के मद्देनजर व्यवस्था संभालने के लिए कमिश्नर से चार एडीएम और सात एसडीएम की मांग की है।