वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
शहरों की प्राचीनता भी अहम
उन्होंने कहा कि आधुनिकीकरण के इस दौर में हमारे इन शहरों की प्राचीनता भी उतनी ही अहमियत है। हमें अपने शहर में हर वर्ष 7 दिन के लिए नदी उत्सव मनाना चाहिए। उसमें पूरे शहर को जोड़िए। इस उत्सव में नदी की सफाई, उसकी विशेषता पर फोकस किया जाए।
काशी के गंगा घाट पर दुनियाभर के पर्यटक आते हैं। काशी की अर्थव्यवस्था को चलाने में माता गंगा को बहुत बड़ा योगदान है। हम सभी को अपने शहरों की नदी के प्रति एक संवेदनशील अप्रोच अपनानी होगी। सभी का प्रयास होना चाहिए कि आपका शहर स्वच्छ और स्वस्थ। शहर का विकास जन भागीदारी से होना चाहिए।
बिजली बचाने के लिए महापौर को संदेश
सभी ये तय करें कि आपके शहर की हर गली में बल्ब, एलईडी लगा हो। इससे नगर पालिका, महानगर पालिका के बिजली का बिल काफी कम हो जाएगा और रोशनी भी अच्छी मिलेगी। उस प्रकार से अपने शहर के हर घर में भी एलईडी बल्ब उपलब्ध हो, इससे मध्यम वर्ग के घरों में बिजली का बिल कम होगा।
हर शहर के वार्ड में हो सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता
साथ ही पीएम मोदी ने हर शहर में वार्ड सौंदर्यीकरण प्रतियोगिता शुरू करने की बात कही। ताकि पूरे देश में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण की भावना को बढ़ावा मिले। ज्यादा से ज्यादा जन भागीदारी शहर से शहर और स्वच्छ होगा।
नई इमारत, सड़क बनाते समय रखें ये ख्याल
शहरों में दिव्यांगजनों को ध्यान में रखते हुए, हर नई इमारत, नए रोड, या अन्य निर्माण कार्य में सुगम्य भारत अभियान के प्रावधानों का पालन होना चाहिए। दिव्यांगजनों की तकलीफ को अपनी योजनाएं बनाते वक्त ध्यान में रखना जरूरी है।
महापौर समाज में योगदान दें
पीएम मोदी ने कहा कि हमें विकासवाद में विश्वास करना चाहिए। भारत को क्रांति की नहीं, विकास की जरूरत है। अपने पास मौजूद हर चीज का संरक्षण करें और तकनीकी उन्नयन की ओर बढ़ना चाहिए। सभी महापौर अपने शासन के दौरान अपने समाज में प्रमुख रूप से योगदान देना चाहेंगे। मुझे यकीन है कि आप सभी उस दिशा में काम कर रहे हैं।
साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें एमएसएमई को सशक्त बनाने की जरूरत है, ताकि स्थानीय उद्योगों का विकास और व्यवसायों के फलने-फूलने के लिए सही माहौल मिले। मेयर भी सूक्ष्म वित्त के साथ रेहड़ी-पटरी वालों की मदद करने वाली पीएम स्वनिधि योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।