पीएम मोदी ने सबसे पहले सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनकी हकीकत जानी और फिर उन्हें योजनाओं के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया। ऐसे में साफ है कि प्रधानमंत्री से संवाद करने वाले अब न केवल भाजपा के मुरीद होंगे, बल्कि भविष्य में पार्टी के लिए माहौल भी बनाएंगे।
पीएम मोदी ने स्वामित्व योजना के लाभार्थियों के जरिए भी पुरानी सरकार की याद दिलाई और अवैध कब्जे की सुध कराकर गरीब, दलित, वंचितों के मन में विपक्ष के खिलाफ माहौल बनाया। बाबा विश्वनाथ के भव्य दरबार का जिक्र करके पीएम विपक्ष की मंशा को भी जगजाहिर करने से नहीं चूके। इस तरह उन्होंने विपक्ष की घेराबंदी कर विकास विरोधी बताने और जाति, पंथ, मजहब की याद भी दिलाई। बेहद सधे अंदाज में उन्होंने भाजपा सरकार के मुकाबले पिछली सरकारों की तुलना भी की।
जनसभा को संबोधित करते पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
विधानसभा चुनाव के लिहाज से पूर्वांचल की करीब 100 सीटों पर भाजपा की निगाह जमी है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले करीब एक महीने से पूर्वांचल के कई जिलों में दौरा कर चुके हैं। दिसंबर में दो बार काशी आने के बाद अब प्रधानमंत्री एक बार फिर आठ जनवरी को अपने संसदीय क्षेत्र काशी में आएंगे। इस बार प्रधानमंत्री रोपवे संचालन के साथ ही कमिश्नरी में बन रहे सिग्नेचर बिल्डिंग सहित अन्य परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं।