Varanasi News: तीरंदाजी में बनारस के कई खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। 70, 50 और 30 मीटर की दूरी पर निशाना साधा गया। वाराणसी के उमरहा के करीब 200 खिलाड़ी अपना हुनर दिखा रहे हैं।
ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के पहला बैरियपार होने पर उमरहा में तीरंदाजी की खिलाड़ियों ने मैत्री मैच खेला। उमरहा तीरंदाजी मैदान पर एकत्रित 45 खिलाड़ियों ने 70, 50 और 30 मीटर दूर टार्गेट पर निशाना साधा। इसमें 12 महिला और 33 पुरुष खिलाड़ी शामिल हुए।
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कोच अशोक सिंह ने बताया कि ओलंपिक शुरू होने से एक दिन पहले तीरंदाजी के क्वालिफाइ राउंड में खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतरीन रहा। बताया कि बनारस के खिलाड़ी राहुल चटर्जी ने वर्ष 2010 दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्स गेम्स में रजत पदक जीता था।
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गाजीपुर के अविनाश कुमार ने 2016 वर्ल्ड विश्वविद्यालयीय तीरंदाजी में कांस्य जीता था। पिछले दस वर्ष से उमरहा में खिलाड़ी तीरंदाजी की अभ्यास कर रहे हैं। उमरहा की महिमा मिश्रा, दीपिका पांडेय, वैष्णवी पांडेय के अलावा यहां के करीब दो सौ खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपने हुनर का लोहा मनवा चुके हैं।
इस बार ओलंपिक में अंकिता भगत, दीपिका कुमारी और हरमीत कौर से पदक की उम्मीद है।
एक गाव जहां हर घर में तीरंदाज
बनारस जीला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर उमरहा गांव में हर घर में तीरंदाजी के हुनरमंद है। यहां के करीब सौ से अधिक खिलाड़ियों ने प्रादेशिक और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुके हैं।
उमरहा का बरबसपुर बराई तीरंदाजी का केंद्र बन गया है। यहां के हर घर में राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय खिलाड़ी हैं। जिन्होंने खेलों में यूपी और भारत का प्रतिनिधित्व किया है।