लंबी प्रतीक्षा के बाद शनिवार से करसड़ा कूड़ा प्लांट चालू करा दिया जाएगा। शुरुआती दौर में 50 से 100 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित करने की तैयारी है। इसके लिए नगर निगम ने जरूरी संसाधन और कर्मचारियों की व्यवस्था कर ली है। हालांकि अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया है। कनेक्शन होने तक जेनरेटर के जरिये प्लांट चलाया जाएगा। प्लांट की रोजाना कूड़ा निस्तारण की क्षमता 600 मीट्रिक टन है।
गुरुवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद आननफानन में नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही अधीनस्थों के साथ करसड़ा पहुंचे। वहां प्लांट को चलाने के लिए जिम्मेदारी संभाल रही एनटीपीसी के अधिकारियों से बात की। शनिवार से प्लांट को हर हाल में चालू करने पर बात बनी। नगर आयुक्त ने बताया कि कूड़ा को उठाने, मशीन तक पहुंचाने केलिए जेसीबी और वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। एक दर्जन से अधिक कर्मचारी भी लगाए जाएंगे। ट्रायल के तौर पर पहले करीब 50-100 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारण के लिए भेजा जाएगा।
प्लांट को 15 जुलाई तक चालू करा देना था लेकिन तकनीकी आपरेटरों के न होने का हवाला देकर अब तक निगम चुप्पी साधे रहा। अब एनटीपीसी ने तकनीकी आपरेटरों की नियुक्ति का जिम्मा आईएलएफएस नामक कंपनी को दिया है। आपरेटरों की नियुक्ति के बाद प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। निगम प्रशासन की सुस्ती के चलते ही प्लांट पर कनेक्शन का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। नगर आयुक्त की मानें तो जल्द ही कनेक्शन करा लिया जाएगा। करसड़ा में नगर आयुक्त के साथ अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, राजेंद्र सिंह सेंगर, तहसीलदार अविनाश कुमार, चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह ने निरीक्षण किया।