सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के दूत के रूप में विकास कार्यों का जायजा लेने मंगलवार को काशी आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कड़े तेवर दिखाए।
कमिश्नरी सभागार में करीब साढ़े चार घंटे तक चली विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने एक तरफ अधिकारियों के पेच कसे तो दूसरी तरफ जनप्रतिनिधियों को भी नसीहत दी कि सिर्फ कमियां ही नहीं गिनाएं बल्कि अच्छा काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी करें।
अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि ईमानदारी से काम नहीं करने वाले कार्रवाई के लिए तैयार रहें। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।समीक्षा बैठक के दौरान नगर आयुक्त हरिप्रताप शाही ने स्वच्छता समेत अन्य मामलों पर प्रजेंटेशन दिया।
मंत्री ने उन्हें बेहतर काम करने की हिदायत दी। कहा कि जितना बजट उनके पास है, पहले उससे जुड़े कामों को ठीक ढंग से कराएं। मानक और गुणवत्ता के साथ तय समय में लक्ष्य हासिल हो, इस पर फोकस हो।
बैठक में मौजूद विधायक रवींद्र जायसवाल और महापौर रामगोपाल मोहले से मुखातिब होते हुए मंत्री ने कहा कि जो काम स्थानीय स्तर पर नहीं हो पा रहा है, उसके संदर्भ में लखनऊ जाएं और संबंधित मंत्रियों से वार्ता करें। यदि जरूरी हो तो दिल्ली जाएं और पीएमओ से संपर्क क रें। विकास कार्यों को लेकर कोई कोताही न बरतें।
डीएम करें मुआवजा वितरण की मानीटरिंग
रिंग रोड समेत अन्य परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण के मसले पर कहा कि डीएम स्वयं मुआवजे बांटने की मानीटरिंग करें। लोगों के साथ मिल बैठकर विवाद दूर कराएं और रिंग रोड काम काम जल्द से जल्द शुरू कराएं।
नगर निगम और जल संस्थान को एक करने पर भी चर्चा हुई। इस पर जल्द ही प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। जिले की सभी सड़कों को हर हाल में 30 जून तक गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया।
साथ ही फ्लाईओवर और आरओबी का निर्माण समय से कराने के लिए कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और डीएम योगेश्वर राम मिश्रा को निर्देशित किया। बैठक में भाजपा के प्रदेश के सह प्रभारी सुनील भाई ओझा भी मौजूद थे।