पिशाचमोचन कुंड पर चुकाते हैं आत्माओं का उधार : गरुण पुराण के काशी खंड में पिशाच मोचन कुंड का उल्लेख मिलता है, जहां पितरों को प्रेत बाधा और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है। यहां पर आत्माओं के उधार भी चुकाए जाते हैं।
तीर्थ पुरोहित राजेश मिश्र ने बताया कि पीपल के पेड़ में ठोंके गए असंख्य सिक्के और कील किसी न किसी अतृप्त आत्मा का ठिकाना हैं। पीपल के पेड़ पर मृत व्यक्ति की तस्वीर और उनके किसी न किसी प्रतीक चिह्न को भी लगाया जाता है।
सर्वपितृ अमावस्या पर आज देंगे पितरों को विदाई
आश्विन मास की अमावस्या पर पितरों को विदाई दी जाएगी। 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या पर श्राद्ध से पितृगण प्रसन्न होकर जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। अंतिम दिन गंगा के तट से लेकर पिशाचमोचन कुंड और घरों में श्राद्ध व तर्पण किया जाएगा। इसके साथ ही पितरों का आशीर्वाद लेकर उनको विदाई दी जाएगी। ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि आश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि शनिवार 20 सितंबर को रात 12 बजकर 17 मिनट से 21 सितंबर की देर रात 01 बजकर 24 मिनट तक रहेगी।