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Pitru Paksha 2024: घर बैठे करा रहे पिंडदान, श्राद्धकर्म के लिए हुई 40 फीसदी ऑनलाइन बुकिंग

Sun, 01 Sep 2024 04:01 PM IST
प्रगति चंद हीरालाल चौरसिया, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।

सार

Pitru Paksha 2024: पितृपक्ष 18 सितंबर से शुरू होने वाला है। इसे लेकर सात समंदर पार बैठे लोग भी श्राद्धकर्म कराने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करा रहे हैं।  
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pitru paksha 2024 - फोटो : istock
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विस्तार
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ऑनलाइन पूजा और दर्शन का क्रेज बढ़ा है। अब सात समंदर पार रहने वाले भी ऑनलाइन जुड़कर हर तरह के अनुष्ठान करा रहे हैं। अब पितृपक्ष में श्राद्धकर्म के लिए भी बुकिंग शुरू हो गई है। विभिन्न प्रांतों व विदेशों के करीब 40 फीसदी लोगों ने बुकिंग कराई है। उन्हें सिर्फ नाम और गोत्र बताने पड़ते हैं। वैदिक ब्राह्मण अनुष्ठान को पूर्ण करा देते हैं।

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पितृपक्ष 18 सितंबर से शुरू होने वाला है। लोग पिशाचमोचन विमल तीर्थ पर श्राद्धकर्म कर अपने पितरों को तृप्त करते हैं। ऑनलाइन पूजा के लिए दो दर्जन से अधिक एप हैं। अब यहां ऑनलाइन श्राद्धकर्म भी शुरू हो गए हैं। इसके लिए एक माह पहले से ही बुकिंग शुरू है। एक एप के जरिये पूजा व श्राद्धकर्म कराने वाले योगी आलोकनाथ ने बताया कि मोक्ष की नगरी काशी में हर कोई विविध अनुष्ठान कराना चाहता है। जो लोग यहां नहीं आ सकते वे ऑनलाइन का सहारा लेकर पूजा करवा रहे हैं।

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3 से 5 घंटे में होता है पूरा

अमावस्या, एकादशी व पंचमी तिथि के लिए ज्यादा बुकिंग हुई है। अभी तक 30 से 40 फीसदी बुकिंग हुई है। पं. महेंद्र तिवारी ने बताया कि देश में दक्षिण भारत के अलावा मुंबई, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब आदि प्रांतों के लोगों ने बुकिंग कराई है। वहीं अमेरिका, कनाडा, लंदन, ऑस्ट्रेलिया, मॉरिशस आदि देशों में रहने वाले भारतीय लोग ऑनलाइन पूजा व श्राद्धकर्म करवाते हैं।
 
योगी आलोकनाथ ने बताया कि तीन घंटे में त्रिपीडी पूजा होती है। वहीं, नारायण बलि पूजा में पांच घंटे लगते हैं। पांच कर्मकांडी ब्राह्मण श्राद्धकर्म करवाते हैं। इस दौरान यजमान ऑनलाइन जुड़े रहते हैं। उनके नाम और गोत्र से अनुष्ठान शुरू होता है। इस पूरे अनुष्ठान का वीडियो बनाया जाता है जो बाद में यजमानों को भेजा जाता है। प्रदाद प्रसाद कुरियर से भेज दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि अमावस्या, एकादशी व पंचमी तिथियों को ज्यादा अनुष्ठान व श्राद्धकर्म होते हैं।
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