यूपी में धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। एक युवक ने दो बीवियों के रहते 12 साल छोटी आदिवासी युवती से शादी रचा ली। पिता के एतराज के बाद भी जबरिया निकाह किया। शिकायत पर पुलिस ने बालिग बता 42 दिन में फाइल बंद कर दी।
सोनभद्र के दुद्धी के बघाडू गांव में जिस बेटी के लिए पिता ने बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने आकर गुहार लगाई थी, अब उसकी पहचान भी बदल गई है। पिंकी से आफरीन बनी युवती के अनपरा क्षेत्र में रहने की बात सामने आई है। आरोप है कि आजम ने उसे झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और पहले से दो बीवियां रहते उसने पिंकी से शादी की।
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प्रकरण को लेकर पुलिस और एजेंसियां अपने स्तर से जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ने भी उच्चस्तरीय जांच की जरूरत जताई है। बताया कि बघाडू के साथ अन्य जगहों पर ऐसे कितने मामले हैं, इसकी सूची बनाई जा रही है।
बता दें कि बघाडू निवासी अशर्फीलाल ने बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पर अपनी शादीशुदा बेटी को जबरिया उठाकर घर से ले जाने और धर्म परिवर्तन कराते हुए उससे शादी रचाने का आरोप लगाया था। सूत्रों के मुताबिक यह प्रकरण वर्ष 2022 का है।
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जिस पिंकी से शादी कर आफरीन नाम दिया गया वह अपने छह भाई-बहनों में पांचवें नंबर की थी। अशर्फीलाल के मुताबिक, 10 मई 2022 को उन्होंने अपनी बेटी की शादी दुद्धी के कटौंधी में की थी।
तीन जुलाई 2022 को जबरिया घर से उठा ले गया था आजम
आरोप है कि उससे 12 साल बड़े आजम ने उसे झांसा देकर अपने जाल में फंसाया और उनके विरोध के बाद भी तीन जुलाई 2022 को उसे जबरिया घर से उठा ले गया। पिता ने 8 जुलाई 2022 को दुद्धी कोतवाली में आजम, उसके भाई आलम और चाचा बशीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, मगर पुलिस ने बालिग बता 42 दिन में 20 अगस्त को फाइल बंद कर दी।
आजम ने पिंकी से पहले दो शादी और कीं
दावा किया जा रहा है कि जिस आजम ने आफरीन बन चुकी पिंकी से शादी रचाई थी उसने पहले से झारखंड के नगर उंटारी (गढ़वा) की इशरत और महुली इलाके के रेबुन्निशा से भी शादी कर रखी थी। कनहर परियोजना के जरिए लिए गए विस्थापन लाभ में भी रजिया के नाम का इस्तेमाल किया गया।
तहसीलदार न्यायालय से 10 सितंबर 2016 को जारी आदेश के मुताबिक, बघाडू गांव स्थित रजिया के नाम वाले कुल छह गाटा रकबा 0.4049 हेक्टेअर वाली जमीन अधिशासी अभियंता कनहर नहर परियोजना खंड पंचम दुद्धी के जरिए परियोजना के नाम विक्रय की गई थी।
रजिया ने दी सफाई बैनामा नहीं सगे भांजों को दान में दी जमीन
जमीनों के बैनामे के मामले में रजिया की तरफ से तहसील प्रशासन के सामने पेश होकर सफाई दी गई है। रजिया ने जहां शादी के पहले खुद का नाम दुलरिया बताया है। वहीं खुद की उम्र 70 वर्ष बताते हुए कहा है कि उसने बहादुर अली से 46 वर्ष पूर्व झारखंड के गढ़वा में कोर्ट मैरिज की थी।
रजिया ने अपने बयान में खुद को हिंदू और जाति पनिका बताया है, वहीं बैनामा की उपरोक्त जमीनों के बारे में दावा किया है कि उसने जमीन बेची नहीं बल्कि सगे भांजों को दान दी है। इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी जांच जारी है।
रजिया के जरिये दिल्ली के रिश्तेदार को दी गई जमीन
बहादुर अली की ओर से रजिया के जरिए अनुसूचित जनजाति की खरीदी जमीन को धारा 80 के तहत अकृषिक घोषित कराने और उसे दिल्ली निवासी व्यक्ति को बेचे जाने का मामला सामने आया है। नायब तहसीलदार पूर्वी के न्यायालय से पारित आदेश के मुताबिक जिस जमीन को 7 दिसंबर 2024 को अकृषिक घोषित किया गया था। उसी जमीन को महज चार माह बाद 13 मई 2025 सैयद मुजफ्फर आलम निवासी जोगा बाई एक्सटेंशन एरिया, जामिया नगर, साउथ दिल्ली, हाल पता बघाडू के नाम बैनामा कर दिया गया।
नायब तहसीलदार ने यह कहते हुए खारिज दाखिल का आदेश पारित कर दिया कि लेखपाल के बयान में नामांतरण की कार्रवाई अनुकूल बताई गई है। इसी तरह 19 सितंबर 2025 को अकृषिक भूमि सुंदरी के रहने वाले गुलाम जीलानी के नाम बैनामा की गई। इस बैनामे पर भी पिछले मामले की तरह नायब तहसीलदार ने अदालत के जरिए नामांतरण के आदेश पारित कर दिए। दोनों बैनामे रजिया की तरफ से किया जाना बताया गया है।
जिले में गलत तरीके से धर्म परिवर्तन के संबंध में सभी कार्यकर्ताओं को निगरानी करने को कहा गया है। सभी क्षेत्रों से सूचना लेने के बाद सूची तैयार कर मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। नंदलाल गुप्ता, जिलाध्यक्ष भाजपा।
हमने जांच कराई थी। जमीन से जुड़े मामले में, जो भी फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं उसकी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। निखिल यादव, एसडीएम दुद्धी।
पहले से जो मामला दर्ज है, उसकी जांच चल रही है। अभी नया प्रकरण मेरे सामने अभी नहीं आया है। अगर कोई शिकायत करता है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार राय, सीओ दुद्धी।