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गुलाबी मीनाकारी के शिल्पियों ने पैकेजिंग की समझी बारीकियां

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वाराणसी। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग नई दिल्ली की ओर से हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगरों व शिल्पियों को उनके उत्पाद की बेहतर पैकेजिंग को लेकर फैसिलिटेशन सेंटर में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बृहस्पतिवार को गुलाबी मीनाकारी के शिल्पियों के एक दल ने औद्योगिक आस्थान चांदपुर स्थित एक पैकेजिंग कारखाना का भ्रमण किया। इस दौरान शिल्पियों को पैकेजिंग की बारीकियों व उसकी महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
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उत्तर प्रदेश कोरुगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष राजेश भाटिया ने शिल्पियों को बताया कि अपने उत्पाद को सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचाने के लिए उसकी सुरक्षित पैकेजिंग बेहद जरूरी है। उत्पाद की अच्छी पैकेजिंग से उत्पाद की ब्रांड वैल्यू बढने के साथ-साथ उत्पादन कर्ता को भी आर्थिक रूप से उसका लाभ मिलता है। पैकेजिंग बॉक्स के ऊपर की गई प्रिंटिंग एवं उत्पाद की डिजाइनिंग के कारण बॉक्स के अंदर रखे गए उत्पाद की पूरी जानकारी उपलब्ध हो जाती है।
शिल्पियों के दल का नेतृत्व कर रहे इंडियन इंस्टिट्यूट आफ पैकेजिंग नई दिल्ली के डिप्टी डायरेक्टर सुबोध जुइकर ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी को बनारस के एक ब्रांड के रूप में पूरे विश्व में जाना जाए और इसका निर्यात बढ़ाया जा सके। इसके लिए उत्कृष्ट पैकेजिंग की बेहद जरूरी है। भ्रमण के दौरान राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिल्पी कुंज बिहारी सिंह, बलराम दास, शालिनी, रोशनी वर्मा, अंजू देवी, विशाखा वर्मा, अंजू सेठ, मनोज कुमार, लोकेश सिंह, तरुण कुमार आदि शिल्पी मौजूद रहे।
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