गंगा घाट से लेकर धाम क्षेत्र में चार सौ से अधिक कैमरों से निगरानी की जा रही है। तीन मंजिला पिनाक भवन में सीआरपीएफ, पुलिस, पीएसी, एलआईयू और बम स्क्वायड की यूनिट तैनात होगी।
धाम क्षेत्र के रेड जोन की सुरक्षा केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के हाथ में रहेगी। इसके अलावा विश्वनाथ धाम क्षेत्र यलो जोन में और उसके बाहर का क्षेत्र ग्रीन जोन होगा। येलो जोन में तलाशी और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पहले की ही तरह सिविल पुलिस के पास रहेगी।
श्री काशी विश्वनाथ धाम को अत्याधुनिक फायर फाइटर उपकरणों से लैस किया गया है। मंदिर में करीब एक लाख 45 हजार लीटर का वाटर टैंक है। पूरे परिसर में 96 फायर हाइड्रेंट लगे हैं। जिसमें एक्सटर्नल 41 और इंटरनल 55 फायर हाइड्रेंट और 494 स्मोक डिटेक्टर, 46 हीट डिटेक्टर लगे हैं।
इसके अलावा अलग-अलग तरह के करीब 224 फायर एक्सटिंग्विशर भी परिसर में लगे हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम की ओर से एनओसी के लिए पत्र मिला है और जांच के बाद सिस्टम को शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि भवन के संचालन के लिए पुलिस विभाग को पत्र भी भेज दिया गया है। जल्द ही इसके संचालन की उम्मीद है। वहीं पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश ने कहा कि सावन से ही पिनाक भवन शुरू हो जाएगा, काम चल रहा है। आने वाले सप्ताह में इसके संचालन की योजना है।