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चंदौली के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के परोरवा गांव निवासी मजदूर मेवालाल उर्फ बाबाजी (60) प्रत्येक बृहस्पतिवार को रामनगर किला के पास शहीद बाबा की मजार में मत्था टेकने आते थे। इसके बाद वह बलुआ घाट पर बनी बारादारी में बैठ कर लाई-चना खाते थे। अपराह्न लगभग 3.15 बजे वह बारादरी पर बैठकर लाई-चना खा रह थे। उसी दौरान गुंबदनुमा छत भहरा कर उनके ऊपर गिर पड़ी। मलबे के नीचे दबे मेवालाल की मौके पर ही मौत हो गई। मलबे के नीचे दबकर मलहिया निवासी भाईलाल के पालतू कुत्ते ने भी दम तोड़ दिया।
रामनगर थाने की पुलिस ने मेवालाल के परिजनों को सूचना दी और उनके शव को मलबे के नीचे से बाहर निकलवाया। पुलिस की सूचना पर आई मेवालाल की पत्नी लक्ष्मीना और दो बेटों दशमी व राजन का रो-रोकर बुरा हाल था। उधर, इस संबंध में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने बताया कि घटना की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। निर्माण कार्य से संबंधित ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
यूपीपीसीएल समेत सभी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल
कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव की शिकायत और आला अफसरों की हिदायत को नजरअंदाज करने का नतीजा सबके सामने है। मानकों के विपरीत निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की कलई बलुआ घाट पर बन रहे बारादरी की छत गिरने के साथ खुल गई। दरअसल उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से शास्त्री घाट का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
इसकी लागत करीब 10 करोड़ रुपये है। लंबाई 130 मीटर और चौड़ाई 70 मीटर है। इसके तहत यहां कई कार्य हो रहे हैं। इनमें प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, बायो टाॅयलेट, सीसी रोड, बारादारी निर्माण आदि शामिल हैं। सितंबर 2023 में विधायक ने पर्यटन मंत्री से शिकायत की थी। यूपीपीसीएल ने जांच कर अपनी रिपोर्ट दी। जिससे विधायक संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने फिर मुख्यमंत्री से शिकायत की। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने भी यहां के अधिकारियों को हिदायत दी थी। निर्माण सामग्री का सैंपल लेकर लैब से जांच कराने को कहा था। यहां दक्षिणी दीवार पहली बारिश में बह गई थी।
पांच मिनट पहले होता हादसा तो 6-7 लोग आते चपेट में
बलुआ घाट पर हुआ हादसा अगर पांच मिनट पहले होता तो कुछ और लोग चपेट में आ जाते। घाट पर मौजूद लोगों का कहना था कि हादसे के पांच मिनट पहले बारिश से बचने के लिए बारादरी में मेवालाल के अलावा छह-सात अन्य लोग आकर खड़े हो गए थे। बारिश खत्म होते ही वह लोग निकल गए और मेवालाल वहीं बैठे ही रह गए। संवाद
बाउंड्री और चेंजिंग रूम की छत पहले ही गिर चुकी
बलुआ घाट पर हो रहा निर्माण कार्य पहले से ही सवालों के घेरे में है। इस सीजन की पहली बारिश में घाट के किनारे की दीवार बह गई थी। उस दौरान कैंट के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों को घटना का संज्ञान लेने को कहा था।
उन्होंने कहा था कि घाट के सुंदरीकरण का काम गुणवत्ता के साथ कराया जाए। गंगा में आई बाढ़ का पानी कम हुआ तो पता चला कि घाट पर बने चेंजिंग रूम की छत गायब है। इसे लेकर भी हायतौबा मची, लेकिन अधिकारी मौन साधे रहे। अब लोगों के बैठने के लिए बनाए गए स्थान के ऊपर की छत ही भहरा कर गिर गई।
निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर लोगों ने उठाए सवाल
बलुआ घाट पर हो रहा सुंदरीकरण का काम सवालों के घेरे में है। बबलू साहनी ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर हम लोगों ने अफसरों से शिकायत की थी, लेकिन जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई।
पूर्व सभासद अशोक साहनी ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य हुआ है। उसका खामियाजा एक गरीब परिवार को भुगतना पड़ा। पूर्व सभासद संतोष शर्मा ने कहा कि एक मजदूर की जान जाने के बाद भी अगर अधिकारी नहीं चेते तो इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण और कुछ नहीं होगा।
बलुआ घाट हादसा भ्रष्टाचार का नतीजा: कांग्रेस-सपा
बलुआ घाट हादसे पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बयान जारी किया। भाजपा पर आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का नतीजा सबके सामने है। यह घटना शर्मनाक और दुखद है। इसकी उच्च स्तरीय जांच और संबंधित विभाग के दोषियों पर मुकदमा चलाकर जेल भेजना चाहिए। मृतक के परिवार वालों को नौकरी और आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए।
कार्यदायी संस्था के प्रमुख और ठेकेदार को जेल भेजा जाए। उधर सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज काका ने एक्स पर पोस्ट किया कि यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। पीड़ित के परिवार वालों को 50 लाख मुआवजा और नौकरी दी जाए। सपा आंबेडकर वाहिनी शुक्रवार को शास्त्री चौक पर धरना देगी।
बोले अधिकारी
एडीएम सिटी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें पीडब्ल्यूडी, सिंचाई और डीआरडीए के इंजीनियर शामिल हैं। इसमें तीन दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। - एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी