आरोपी को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस, ब्रिक एसोसिएशन और बैंकों की फर्जी मुहरें बरामद
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यूपी के आजमगढ़ में ईंट-भट्ठों के रॉयल्टी चालान में बहुत बड़े फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। सोमवार को एक दलाल के पकड़े जाने के बाद इसका खुलासा हुआ है। उसकी निशानदेही पर ब्रिक एसोसिएशन के कार्यालय पर की गई छापेमारी में बड़ी संख्या में मुहरें, ईंट भट्ठों के नाम पर बनाए गए कूटरचित चालान बरामद हुए।
खनन अधिकारी सुधांशु रंजन द्विवेदी की तहरीर पर देर रात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी। आजमगढ़ कलक्ट्रेट स्थित खनन अनुभाग के पास सोमवार को कुछ लोग संदिग्ध हालात में खड़े दिखाई दिए। खनन अधिकारी सुधांशु रंजन द्विवेदी ने इन्हें बुलवाया तो ये भागने लगे।
इस पर एक व्यक्ति को दौड़ा कर पकड़ लिया गया। पकड़े गए रमेश चंद्र विश्वकर्मा निवासी बेलनाडीह सिधारी ने पूछताछ में बताया कि वह ईट भट्ठा मालिकों के लिए कूटरचित चालान बनाता है। हर चालान के लिए उसे 500 रुपये मिलते हैं। उसकी निशानदेही पर नेहरू हाल स्थित ब्रिक एसोसिएशन के कार्यालय पर छापेमारी की गई, जहां से सात कूटरचित चालान, ब्रिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों की कई मुहरें बरामद हुई हैं।
मामले की जानकारी के बाद डीएम ने उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। खनन अधिकारी सुधांशु रंजन द्विवेदी की तहरीर पर देर रात कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही थी।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि कूटरचित चालान के जरिए रायल्टी के करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की बातें सामने आ रही है। मैने खनन अधिकारी को पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया है। जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा।