फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उपद्रव के आरोप में पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद और एमएलसी के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट

Mon, 13 Nov 2017 10:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
विज्ञापन
खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान खूब हुआ था बवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
यूपी के जौनपुर में सीजेएम चतुर्थ श्वेता श्रीवास्तव ने सोमवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह उर्फ प्रिंसू के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।

इन पर खुटहन ब्लाक प्रमुख सरयू देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान उपद्रव करने का आरोप है। पूर्व मंत्री व शाहगंज के विधायक शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू की सुरक्षा भी वापस ले ली गई।  
विज्ञापन


विवेचक ने कोर्ट को अवगत कराया कि छह नवंबर को खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग होनी थी। बीडीसी सदस्य ब्लॉक तक न पहुंच सकें, इसके लिए पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव ललई और एमएलसी बृजेश सिंह ने पूरी साजिश रची थी।

उनके समर्थकों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। जैसे ही बीडीसी सदस्यों को लेकर वाहन पहुंचा, पथराव, हवाई फायरिंग और तोड़फोड़ हुई। प्रतापगढ़ के सांसद हरिवंश सिंह के काफिले की एक स्कार्पियो फूंक दी गई। उपद्रव के इस मामले में 11 नामजद व 150 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। 
विज्ञापन

खुफिया विभाग की रिपोर्ट बनी बड़ी बाधा

खुटहन ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान खूब हुआ था बवाल - फोटो : अमर उजाला
मामले में तीन नामजद आरोपी धनंजय, ललई व प्रिंसू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। सोमवार को विवेचक के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया। उधर, पूर्व मंत्री शैलेंद्र यादव और एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू के गनर पुलिस लाइन में बुला लिए गए हैं।

दोनों के मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। दूसरी तरफ, पूर्व सांसद धनंजय सिंह को सीआईएसएफ की सुरक्षा केंद्र से मुहैया कराई गई है। उन्होंने मोबाइल ऑफ नहीं किया है।   धनंजय सिंह की सुरक्षा वापस कराने के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है।

सूत्रों की मानें तो इसमें सबसे बड़ी बाधा खुफिया विभाग की रिपोर्ट है, जिसमें धनंजय पर पूर्वांचल के शातिर माफिया की ओर से हमले की आशंका जताई गई है। पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने पूर्व मंत्री ललई और एमएलसी प्रिंसू की सुरक्षा वापस लेने की पुष्टि की।

कहा कि इनके खिलाफ केस दर्ज होने की वजह से गनर वापस ले लिए गए हैं। गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें