फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोगों को जल्द ही ऑनलाइन मिलेगा पीला कार्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम में भवनों के दाखिल खारिज प्रक्रिया (पीला कार्ड) को सरल बनाया जा रहा है। आने वाले दिनों में नगर निगम की वेबसाइट पर जनता ऑनलाइन आवेदन कर पीला कार्ड प्राप्त कर सकेगी।
विज्ञापन

ऑनलाइन प्रक्रिया को नगर निगम ने तेज कर दिया है। इसी के साथ निगम के जिम्मेदारों जवाबदेही तय की जाएगी। इससे निर्धारित अवधि में आवेदनकर्ता को पीला कार्ड मिलेगा।
अभी पीला कार्ड पाने के लिए तीन से चार महीने का समय लग रहा है। ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद 45 दिन के भीतर पीला कार्ड मिलेगा। इन दिनों के भीतर संपत्तियों की जांच प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रिकार्ड से मिलान करने और नोटिस पर आपत्तियां लेने के बाद पीला कार्ड जारी किया जाएगा। अमूमन लोग वरासत दर्ज कराने के लिए पीला कार्ड की मांग करते हैं। इसमें काफी समय लग जाता है। इसे देखते हुए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा, ताकि किसी भी आवेदनकर्ता को किसी अधिकारी या कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े। संपत्तियों की खरीद फरोख्त मामले में पारदर्शिता बनाने के उद्देश्य से ऑनलाइन प्रक्रिया काफी सरल होगी। इस वेबसाइट में शुल्क जमा करने का भी प्रावधान होगा।
विज्ञापन

ये आती हैं दिक्कतें
पीला कार्ड बनवाने में तमाम रोड़े आते हैं। इससे मकानों का दाखिल खारिज कराना काफी मुश्किल होता है। जनता के साथ पार्षदों ने भी कार्यकारिणी की बैठक में शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसके बाद से पीला कार्ड ऑनलाइन जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया गया है। पार्षदों ने टैक्स विभाग के अफसरों और कर्मचारियों पर लापरवाही और धांधली बरतने का आरोप लगाया।
विज्ञापन

पीला कार्ड की दिक्कतों को देखते हुए इस ऑनलाइन किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही आम जनता को ऑनलाइन सुविधा का लाभ मिलेगा।
देवीदयाल वर्मा अपर नगर आयुक्त
पीला कार्ड में होती है ये जानकारियां
- भवन स्वामी का नाम
- मकान नंबर
- निर्धारित टैक्स
- नामांकन की डेट
- नामांकन की पत्रावली संख्या
ये हैं नियम
- जनहित गारंटी योजना के तहत आवेदन करने के 45 दिन के भीतर प्रक्रिया पूरी कर पीला कार्ड जारी करना होता है।
- कागजों में कोई खामी होने पर दाखिल खारिज प्रक्रिया को रोकने का अधिकार नगर निगम के पास है।
- निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी न करने पर संबंधित कर निरीक्षक पर कार्रवाई भी हो सकती है।
आवेदन के लिए नियम
- नया मकान बनवाने पर रजिस्ट्री के फोटो स्टेट कागज के साथ एफिडेविट लगाकर आवेदन करें।
- मकान खरीदने पर भी यही प्रक्रिया अपनानी होगी।
- वरासत से जुड़े मामलों में डीएम, उनकी ओर से नामित अधिकारी या दीवानी कोर्ट से जारी किए गए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र के साथ आवेदन करना होगा।
- दाखिल खारिज प्रक्रिया पूरी तरह से मैनुअल है। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी करनी होती है।
- ऑनलाइन होने पर सभी दस्तावेज की फोटोकॉपी लगानी होगी। जरूरत पड़ने पर मूल कॉपी मांगी जा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें