गंगोत्री से गंगा सागर तक गंगा की यात्रा जल्द ही लहरों पर जीवंत होने वाली है। काशी में वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) सितंबर से बजड़े पर गंगा प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर रहा है। नमामि गंगे परियोजना के तहत रामनगर से राजघाट तक गंगा की लहरों पर सजने वाली यह विश्व की पहली प्रदर्शनी होगी।
ऑडियो-वीडियो एवं चित्रों जरिए प्रदर्शनी में गंगा की पौराणिकता और ऐतिहासिकता के साथ ही उसकी वर्तमान दशा को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के सामने उजागर किया जाएगा। प्रदर्शनी में गंगा के उद्गम स्थलों, गंगा में मिलने वाली सहायक नदियों और समूचे गंगा बेसिन के साथ नदियों में बढ़ रहे प्रदूषण को भी मॉडलों के जरिए दर्शाया जाएगा। वन संपदा और जंगली जीवों के संरक्षण से संबंधित ऑडियो-वीडियो, चित्रों को आकर्षक तरीके से तैयार किया जा रहा है।
गंगोत्री से गंगासागर का जल भी होगा आकर्षण का केंद्र
प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण विभिन्न नदियों से संकलित जल है। गंगोत्री से लेकर कोलकाता तक गंगा का जल विभिन्न स्थानों से संकलित कर उसमें प्रदूषण के स्तर को दर्शाया जाएगा। प्रदर्शनी को इस प्रकार से तैयार किया जा रहा है कि यहां आने वाले किसी भी व्यक्ति को एक नजर में ही नदियों की भौगोलिक स्थिति, इसमें बढ़ रहे प्रदूषण की वजह और जैव पारिस्थितिकी को उत्पन्न हो रहे खतरे की जानकारी हो सके।