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Gas Crisis: न हो रही बुकिंग न केवाईसी, वर्षों से सिलिंडर न लेने वाले भी एक्टिव; सर्वर की समस्या से लोग परेशान

Sat, 04 Apr 2026 04:46 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

जिले के कई गैस एजेंसियों पर सुबह से दोपहर तक गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ता लाइन में लगे रहे। करीब 200 मीटर तक फैली लाइन में लगे लोगों को उम्मीद थी कि दिन में गैस की आपूर्ति होगी, लेकिन शाम तक कई उपभोक्ताओं को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। 
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Gas cylinder crisis - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गैस सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य होने के दावों के बावजूद एजेंसियों पर सुबह से शाम तक उपभोक्ताओं की लाइनलग रही है। अफसर बैठक कर हालात को सामान्य बनाने पर तुले हुए हैं। वहीं एजेंसियों पर बिना सिलिंडर लिए लौट रहे लोग प्रशासन की उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं।

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शुक्रवार को जिले के कई गैस एजेंसियों पर सुबह से दोपहर तक गैस सिलिंडर के लिए उपभोक्ता लाइन में लगे रहे। करीब 200 मीटर तक फैली लाइन में लगे लोगों को उम्मीद थी कि दिन में गैस की आपूर्ति होगी, लेकिन शाम तक कई उपभोक्ताओं को निराश होकर खाली हाथ लौटना पड़ा। अधिकतर उपभोक्ता सर्वर की समस्या के कारण घंटों एजेंसियों पर डटे रहे। इस बीच सर्वर के कारण दिनभर बहसबाजी भी होती रही। सर्वर के कारण बुकिंग, डीएसी कोड और ई-केवाईसी भी कई लोगों की नहीं हो पाई।

कई लोग सुबह से भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहे और आखिरकार उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। भदऊ चुंगी, महमूरगंज, तेलियाबाग, पड़ाव समेत कई गैस एजेंसियों पर देर शाम तक भीड़ जुटी रही।
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जिला पूर्ति अधिकारी के बी सिंह ने बताया कि कई लोगों को वास्तव में आवश्यकता है, वहीं कुछ लोग पैनिक के कारण जबरदस्ती भीड़ जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कारण से सर्वर पर लोड बढ़ गया है। स्थिति यह है कि वर्षों से गैस सिलिंडर न लेने वाले उपभोक्ता भी अब सक्रिय हो गए हैं, जिससे वितरण व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई है। बावजूद इसके प्रशासन के ओर से स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।

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पेट्रोलियम कंपनियों के टोल फ्री नंबर बने रूकावट

मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने एक दिन पहले बृहस्पतिवार को ऑयल कंपनियों के ओर से जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे। बावजूद इसके सर्वर की समस्या के दौरान किसी कंपनियों के टोल फ्री नंबर पर बात न हो सकी। उपभोक्ता दिनभर फोन करते रहे, लेकिन कंपनियां मनमानी करती रहीं।
 
चाय से लेकर चाट और समोसे के बढ़े दाम
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी के कारण जिले के लगभग 60% ठेले और खोमचे बंद हो गए हैं। जो वेंडर अभी भी काम कर रहे हैं, उन्होंने लागत निकालने के लिए खाद्य पदार्थों के दामों में 10% से 25% तक की बढ़ोतरी कर दी है।कैंट और लंका जैसे इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स का कहना है कि रेट बढ़ने के अलावा, बाजार में सिलेंडर की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें ब्लैक मार्केट से 400 रुपये अतिरिक्त देकर गैस खरीदनी पड़ रही है। गैस न मिलने के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में चाट-पकौड़ी के ठेले गायब होने लगे हैं। जिन दुकानदारों के पास स्टॉक खत्म हो गया है, उन्होंने काम अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अब एक प्लेट चाट या नाश्ते की कीमत में 5 से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। जो समोसा - छोला 20-25 रूपये प्रति प्लेट मिलता था, अब उसकी कीमत 30 रूपये हो गई है। 20 रूपये प्लेट मिलने वाली चाट की कीमत 25 रूपये हो गई है। कई जगहों पर 5 रूपये प्रति पुरवा मिलने वाली चाय 8 रूपये की हो गई है।
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