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Varanasi: मंडलीय अस्पताल की व्यवस्था... मर्ज आज, जांच होगी कल; एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग

Sat, 04 Apr 2026 04:41 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

मंडलीय चिकित्सालय की व्यवस्था ऐसी है आपको मर्ज आज होगा उसकी जांच कल होगी। यहां एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए लंबी वेटिंग हैं। लोग बिना जांच कराए लौटने को मजबूर हैं। 
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मंडलीय अस्पताल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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वाराणसी जिले के कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय की व्यवस्था ऐसी है आपको मर्ज आज होगा उसकी जांच कल होगी। अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए दर दर भटकना पड़ रहा है।अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्सरे कराने आए मरीजों को जमीन पर बैठाया गया। जबकि कई मरीज ऐसे थे, जिन्होंने व्यवस्था देख प्राइवेट लैब का रुख किया। 

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स्थिति यह है कि मात्र 40 एक्स-रे होने के बाद काउंटर से मरीजों को बाद आने के लिए बोल दिया गया। जबकि आर्थो और इमरजेंसी विभाग मिलाकर तकरीबन 100 मरीज ऐसे आए, जिन्हें चिकित्सकों ने एक्सरे का परामर्श दिया। वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने मरीजों और उनके तीमारदारों से बहस करते हुए कहा कि अब हो गया, जिसका होना था। अब कल आना। 

यही हाल अल्ट्रासाउंड विभाग का भी रहा, जहां 50 जांच का आंकड़ा पार होते ही काम की गति अत्यधिक धीमी हो गई, जिससे कतार में खड़े लोग बिना जांच कराए ही लौटने को मजबूर रहे। सोनोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति की मरीजों के प्रति तनिक भी संवेदना नहीं नजर आई।
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अस्पताल में आए दिन हो रही नोकझोंक
अस्पताल परिसर में किसी प्रकार की समस्या आने पर सुरक्षा गार्डों और मरीजों के परिजनों के बीच आए दिन तीखी नोंक-झोंक और विवाद की स्थिति बन रही है। ऐसे में बाकी मरीजों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनके इलाज में भी दिक्कत हो रही है।

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केस - 1
मैदागिन की रोशनी सेठ को पीठ में दर्द की शिकायत थी। चिकित्सक ने उन्हें एक्स रे कराने के लिए लिखा। वह बृहस्पतिवार को एक्सरे कराने के लिए तीन घंटे तक अस्पताल में भटकती रहीं, लेकिन एक्स-रे के लिए नंबर ही नहीं आया। अंत में उन्होंने टेक्नीशियन से संपर्क करना चाहा तो वहां पहले से मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने डांटते हुए कहा कि अब समय समाप्त हो चुका है, कल आना। उन्होंने इसकी शिकायत डॉ. बृजेश कुमार से भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंतत: उन्हें प्राइवेट लैब से एक्सरे कराना पड़ा।

केस - 2
लल्लापुरा की साबिया खातून को हाथ में चोट लगी थी। आर्थो के चिकित्सक ने एक्सरे कराने के लिए भेजा, लेकिन दो घंटे लाइन में लगने के बाद भी एक्सरे नहीं हो पाया। मौके पर मौजूद गार्ड बोला, समय से आओ तो जांच होगी। कल सुबह आकर पर्चा जमा करना।

केस - 3
गाजीपुर के रहने वाले विकास गुप्ता को बहुत दिनों से पेट में दर्द की शिकायत थी। अस्पताल में चिकित्सक के परामर्श पर वह अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे। पर्चा जमा करने के 30 मिनट बाद जब उन्होंने अपने नंबर के बारे में पूछा तो सोनोलॉजिस्ट डॉ. स्वाति ने डांटते हुए कहा कि अभी बैठे रहो, जब नंबर आएगा, तो बुलाया जाएगा। इस संबंध में जब एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार यादव के पास शिकायत करने पहुंचे तो वहां एसआईसी के कमरे के बाहर मौजूद गार्ड ने भी बदतमीजी की।
अधिकारी बोले
अस्पताल में इस तरह की शिकायतें चिंताजनक हैं। अस्पताल में मरीजों या उनके परिजनों से दुर्व्यवहार करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। इस प्रकार की व्यवस्था की जांच की जाएगी, उसके बाद कार्यवाही की जाएगी। -डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग
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