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15 अगस्त तक काशी को पॉलिथीन से आजादी दिलाने का संकल्प

Sun, 08 Jul 2018 03:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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अमर उजाला कार्यालय में वाराणसी विकास समिति का जन जागरण अभियान - फोटो : अमर उजाला
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15 अगस्त तक काशी को पॉलिथीन से आजादी दिलाने का संकल्प शनिवार को औद्योगिक आस्थान चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में लिया गया। वाराणसी विकास समिति की ओर से पॉलिथीन मुक्त काशी के लिए जन जागरण अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण सुझाव और विचार आए। यूज और अनयूज पॉलिथीन वापसी के लिए कलेक्शन सेंटर खोलने, कपड़े के झोले बांटने, पॉलिथीन से सड़क बनाने और करसड़ा प्लांट चालू कराने का सुझाव आए।
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जिसे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने स्वीकार करते इसे शीघ्र चालू कराने को कहा। साथ ही मंडलायुक्त ने कपड़े के थैले के साथ सभी सदस्यों को पॉलिथीन फ्री करने का संकल्प दिलाया। इस दौरान कचरे में मिलने वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर तीन मिनट की डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। जिसमें प्लास्टिक मैन राजगोपालन के प्लास्टिक से सड़कों के निर्माण करने की तकनीक दिखाई गई।


इस मौके पर अमर उजाला परिवार की ओर से अतिथियों को तुलसी का पौधा देकर स्वागत किया गया।  उद्यमी किशन जालान ने घोषणा की कि पांच हजार कपड़े का झोला बांटेंगे। दुकानों में पॉलिथीन की जगह झोले में सामान दिया जाता है। डिजाइनर झोला भी बनवाया जाएगा।
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उद्यमी दीनानाथ झुनझुनवाला ने पॉलिथीन की जगह झोला को बढ़ावा देने को कहा। इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बिल्डर अनुज डिडवानिया ने 10 हजार कपड़े के थैले देने की घोषणा की। 

उद्यमी राहुल मेहता ने कहा कि शहर में मल्टीपल स्क्रीन के जरिए पॉलिथीन के नुकसान के बारे में बताया जाना चाहिए। आटोमैटिक मशीन लगाई जाए जिसमें पैसा डालने में झोला निकले।

उद्यमी नीरज पारिख ने कहा कि पॉलिथीन की जगह झोला के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए। उद्यमी एलएन झा ने कहा कि पॉलिथीन की जगह लोगोें को कपड़े के झोले के प्रति जागरूक करना पड़ेगा।

उद्यमी अरुण सिंह ने कहा कि प्लास्टिक की जगह टेंपरेटी झोला देने के बजाय मजबूत झोला दिया जाए। उद्यमी मोहम्मद कादिर ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने स्वभाव में परिवर्तन लाकर पॉलिथीन की जगह कपड़े के झोले का इस्तेमाल करना होगा।

उद्यमी आलोक भंसाली ने कहा कि रूमाल की तरह झोला हो तो जिस प्रकार जेब में लोग रूमाल लेकर चलते हैं उसी प्रकार झोला लेकर चलेंगे।
 

लड़कों को लेकर चलना चाहिए बैग या झोला

बैठक में शहर के गणमान्य लोगों के बीच से आए विचार एवं सुझाव - फोटो : अमर उजाला

उद्यमी संकेत जायसवाल ने कहा कि लोगों को कपड़े का झोला इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना होगा। उद्यमी गौरव जैन ने कहा कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध पूरी तरह से लगना चाहिए। लोगों की समस्या है कि वह इसकी जगह क्या इस्तेमाल करते हैं। जयपुरिया स्कूल के चेयरमैन दीपक बजाज और निदेशक अनिल के जाजोदिया ने कहा कि स्कूल से जागरूकता अभियान चलाएंगे। 


रेड एफएम की प्रोग्रामिंग हेड अलका शर्मा ने जिस प्रकार लड़कियां बैग लेकर चलती हैं। उसी प्रकार लड़कों को भी बैग या झोला लेकर चलना चाहिए। स्कूली बच्चों के जरिए हर परिवार को जागरूक किया जा सकता है।

रेड एफएम के स्टेशन हेड अहमद तारिक ने कहा कि सोमवार से सुबह 7 से 9 बजे तक शो के जरिए लोगों को पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने के लिए जागरूक किया जाएगा।   समिति के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र कुमार गुप्त ने कहा कि प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्रियों का कंवर्जन कपड़े का थैला बनाने में कर दिया जाए तो इससे रोजगार पर असर भी नहीं पड़ेगा और पॉलिथीन की जगह कपड़े के थैले का इस्तेमाल होगा।

वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन ने घोषणा की कि अपनी संस्था की ओर से पांच हजार कपड़े का थैला दान देंगे। पॉलिथीन का इस्तेमाल करने वालों को ये थैले बांटे जाएंगे। कहा कि पॉलिथीन लोगों की पसंद नहीं बल्कि मजबूरी है। वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह ने कहा कि लोगों की आदत खराब हो चुकी है। घर-घर में पॉलिथीन पहुंच चुकी है। लोगों के पास पॉलिथीन का विकल्प कम है।

बैठक में समिति के संरक्षक अंकुर चड्ढा, यूआर सिंह, विपिन अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार पीके मिश्र, जय प्रकाश पांडेय, वाचस्पति उपाध्याय, उत्तम चौधरी, राजेश सिंह, पुनीत सचदेवा, विभोर पिपलानी, पारितोष झुनझुनवाला, ज्ञानेश्वर, विशाल, अमित अग्रवाल, संजय कुमार जायसवाल, दिनेश जैन, नयन चौरसिया, आशीष मित्तल आदि उद्यमियों ने शपथ ली की वे अपने प्रतिष्ठान करने का भरोसा दिलाया। संचालन समिति के समन्वयक राजेंद्र कुमार दूबे ने किया। 
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इन लोगों ने क्या कहा?

पॉलिथीन को लेकर अभी सजग नहीं हुए आने वाले दिन में कानून बन जाएगा फिर डंडे के डर से काम करना पड़ेगा। व्यवहार में परिवर्तन लाकर हम पॉलिथीन की जगह कपड़े के थैले का इस्तेमाल करें।
दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त  

शहर से निकलने वाले 600 टन कूड़े में 25 प्रतिशत पॉलिथीन होता है। घाटों पर मानव श्रृंखला बनाकर जन जागरूकता फैलाई जाएगी। 80 प्रतिशत लोगों को मनाकर और बाकी बचे 20 प्रतिशत लोगों को डंडे के बल पर पॉलिथीन मुक्त कराया जाएगा। 
डा. नितिन बंसल, नगर आयुक्त  

पॉलिथीन से बांझपन हो रहा है। पहले महिलाओं में इस प्रकार की बीमारियां नहीं होती थी, इधर बढ़ी हैं। इसके खतरों के बारे में लोगों को बताने की आवश्यकता है। स्लम एरिया में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। 
डा. प्रियंवदा तिवारी, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ 

औद्योगिक आस्थान चांदपुर में फैक्ट्रियों को पॉलिथीन फ्री करेंगे। इसके सभी उद्यमियों को जागरूक किया जाएगा। आस्थान को 15 अगस्त तक पॉलिथीन फ्री करने के बाद अधिकारियों को बुलाया जाएगा। 
राजेश भाटिया, उद्यमी औद्योगिक आस्थान चांदपुर  

मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में पॉलिथीन से होने वाले खतरनाक रोगों और नुकसान के बारे में बताकर ख्वातीनों को जागरूक किया जाए। इसके लिए रिक्शे पर माइक लगाकर प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है। 
फरमान हैदर, शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता 
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