मणिकर्णिका पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना पर दोपहर के समय पाल समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। नारेबाजी के दौरान चौक पुलिस ने समझाने का प्रयास किया तो पाल समाज के लोग उलझ गए। बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देकर पुलिस ने रोकना चाहा तो नोकझोंक शुरू हो गई। इसमें एक एसआई के बांह पर लगा बैच भी फट गया।
इस बीच धक्कामुक्की से बात आगे बढ़ी तो पुलिस ने बल पूर्वक खदेड़ा। भारी संख्या में पुलिस हाथ में डंडा लिए मणिकर्णिका से सतुआ बाबा आश्रम को जाने वाली गली में घुस गई और विरोध प्रदर्शन करने वालों को खदेड़ा, इसमें कुछ युवकों पर लाठी भी बरसाई गई।
पुलिस को लाठी भांजता देख समाज के अधिकतर लोग भाग निकले लेकिन 18 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इन्हें गढ़वासी टोला, ब्रह्मनाल से कचौड़ी गली से होकर चौक थाने लाया गया। समाज के लोगों को छुड़ाने के लिए देर शाम तक जमावड़ा रहा।
चौक इंस्पेक्टर दिलीप मिश्रा ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा, लोकसेवक से अभद्रता, बिना अनुमति विरोध प्रदर्शन समेत अन्य आरोपों में नामजद और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने बताया कि बिना अनुमति घाट पर प्रदर्शन करने वाले अन्य लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। आसपास के सीसी कैमरे और वीडियो के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।