टैक्स चोरी को लेकर सतर्क आयकर विभाग की नजर अब उन करदाताओं पर है, जिन्होंने आयकर कानून की आड़ में फर्जी छूट और रिफंड हासिल किए हैं। जिले में सोमवार से जारी अभियान में अर्दली बाजार, सिगरा, महमूरगंज में जांच की जा चुकी है। मंगलवार को भी कार्रवाई जारी रही।
आयकर विभाग को गुमराह कर फर्जी तरीके से छूट हासिल करने वालों से अधिकारियों ने 24 घंटे पूछताछ की है। कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मुख्य रूप से अधिक रिफंड का लालच देकर कमीशन के एवज में फर्जी दस्तावेज पर सिग्नेचर कराने की बात सामने आई है। हालांकि अभी विभाग की ओर से अधिकारिक बयान बाकी है।
आयकर विभाग का शिकंजा अब रेलवे अधिकारियों, प्रोफेसरों, चिकित्सकों और अन्य उच्च पदों पर बैठे लोगों पर कस रहा है। खास बात यह है कि जिन लोगों पर नजर रखी जा रही है, उनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संगठनों और निजी उद्यमों से जुड़े शीर्ष कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं।
विभाग की कार्रवाई डेटा विश्लेषण, तकनीकी साधनों और खुफिया सूचना के आधार पर की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, छापा मुख्य रूप से उन टैक्स सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और बिचौलियों के ठिकानों पर की जा रही है, जो करदाताओं को अधिक रिफंड दिलाने के नाम पर झूठे दस्तावेज तैयार कर टैक्स छूट का दावा कर रहे थे। कई सरकारी अधिकारियों पर फर्जी आयकर छूट लेने का आरोप लगा है।
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