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मंजिल तक पहुंचने का दर्द: 35 किमी दूर जाने के लिए लोगों को करना पड़ रहा है 350 किमी का सफर

Mon, 15 Jun 2020 12:50 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एनएच-31 बैरिया मांझी मार्ग पर स्थित जयप्रभा सेतु की मरम्मत का कार्य आखिर कब पूरा होगा? कब मिलेगी क्षेत्र के व्यवसायियों को राहत? यह एक यक्ष प्रश्न बन गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दावे के अनुसार इसका कार्य बहुत पहले ही पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही की सजा क्षेत्र के आम लोगों और व्यवसायियों को झेलनी पड़ रही है। उन्हें महज 35 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए लगभग 350 किलोमीटर चलना पड़ रहा है।

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राष्ट्रीय राजमार्ग-31 बैरिया मांझी मार्ग पर स्थित जयप्रभा सेतु वर्षों से जर्जर हो चुका था। इसकी मरम्मत के लिए क्षेत्रीय युवाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रयास के बाद मरम्मत के कार्य का शुभारंभ 14 फरवरी को भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त व बैरिया विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने शिलान्यास किया था। तब मंच से दावा किया गया था कि कार्य प्रारंभ होने के दो माह के भीतर जयप्रभा सेतु का मरम्मतीकरण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन कार्य के प्रारंभ हुए आज करीब चार माह बीत चले, अभी भी सेतु के मरम्मत का कार्य पूरा नही हो सका है।


इसके चलते क्षेत्र के किसानों की महंगे दाम में बिकने वाली मक्का आज बड़ी गाड़ियों से बिहार राज्य में नहीं पहुंचने से उसका भाव काफी गिर चुका है। इससे किसान काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सुभाष सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक छठु सिंह, प्रवीण सिंह, श्रीप्रकाश चौबे, धनन्जय यादव, पूर्व प्रधान बिनोद यादव आदि ने कहा कि इस सेतु की मरम्मत का कार्य धीमी गति से होने का कारण कम से कम मजदूरों से कार्य करवाना है।

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इसके चलते अभी तक सेतु के मरम्मत का कार्य पूरा नहीं हो जाता, जबकि 14 फरवरी को उद्घाटन के बाद 16 फरवरी से सेतु से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया था। सेतु के एक किनारे के तरफ पुल का ऊपरी हिस्सा तोड़ने का काम भी शुरू हो गया। इस समय फूल से भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है।

इस वजह से जयप्रकाश नगर से महज 35 किलोमीटर दूर छपरा जाने के लिए लोगों को मऊ जनपद के मधुबन, गोरखपुर, देवरिया, सिवान आदि होते हुए लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है। मजबूरी में किसान छोटे वाहनों से अपना सामान छपरा ले जा रहे हैं, लेकिन इसमें उन्हें अत्यधिक भाड़े का भुगतान करना पड़ रहा है। इससे उनकी कमाई लगभग ना के बराबर हो गई है।
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लॉकडाउन मैं लोगों को पैदल पार करना पड़ता था पुल जयप्रकाश नगर। क्षेत्र के एनएच 31 बैरिया मांझी मार्ग पर स्थित जयप्रभा सेतु पर मरम्मत कार्य होने के कारण भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दिया गया था।इससे महामारी कोविड-19 रोकने के लिए लगाए गए लाकडाउन के समय दूर-दूर से आने वाले प्रवासी बड़े वाहनों से यहां तक पहुचते तो थे, लेकिन यहां गाटर से आवागमन पर रोक के कारण उन्हें पुनः करीब 350 किलोमीटर की अधिक दूरी की यात्रा करनी पड़ती थी।वही कुछ बस व अन्य वाहन वाले उन्हें यही उतारकर चले जाते थे। इसके बाद उन्हें किसी तरह अपने घर पहुंचना पड़ता था।
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