संस्कृति निदेशालय की ओर से कलाकारों के लिए जारी पेंशन योजना आय प्रमाणपत्र के फेर में फंस गई है। 24 हजार सालाना के आय प्रमाणपत्र के लिए कलाकार तहसीलों का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नतीजा सिफर ही निकल रहा है।
कोरोना संक्रमण काल में प्रदेश सरकार की ओर से गरीब व असमर्थ कलाकारों के लिए दो हजार रुपये पेंशन योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें 60 साल आयु वर्ग तथा 10 साल तक कला प्रदर्शन करने वालों को लाभ दिया जाना था। इसके लिए संस्कृति निदेशालय की ओर से जारी पत्र में दो हजार रुपये मासिक या 24 हजार रुपये सालाना आमदनी का आय प्रमाणपत्र देना जरूरी था। सरकारी आदेश के फेर में कलाकार तहसील का चक्कर काटकर परेशान हो गए हैं लेकिन उनका आय प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है।
आलोक उत्थान सेवा संस्था के मंत्री व यश भारती से सम्मानित विष्णु यादव ने बताया कि संस्कृति निदेशालय के पत्र में दो हजार मासिक के आय प्रमाणपत्र की अनिवार्यता की गई है लेकिन कहीं भी बन नहीं रहा है। जवाहर लाल यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में दो हजार रुपये मासिक का आय प्रमाणपत्र तहसीलदार जारी नहीं कर रहे हैं। मन्ना यादव ने कहा कि सरकार ने लोक कलाकारों के लिए चार हजार रुपये मासिक पेंशन व करोड़ रुपये पारिवारिक स्वास्थ्य चिकित्सा के रूप में देने की घोषणा की थी, लेकिन कलाकारों को लाभ नहीं मिला।