कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां भी नहीं दिखेंगी
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मार्च से पहले 13 कूड़ा घरों को हटाया जाएगा। इससे पांच लाख शहरवासियों को बदबू से निजात मिलेगी। सड़क पर कूड़ा लदे बड़े ट्रक भी नहीं दिखाई देंगे। नगर निगम शहर के कूड़ाघरों में पोर्टेबल काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) लगा रहा है। छह कूड़ाघरों में पीसीटीएस लगाने का काम चल रहा है। शहर में 19 कूड़ाघर हैं। शहर की आबादी के साथ कूड़ा भी ज्यादा निकलने लगा है। प्रतिदिन 600 टन कूड़ा निकलता है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि अब तक दो कूड़ाघरों में पीटीएस लग चुका है। इसे चार और कूड़ाघरों में लगाने का काम चल रहा है। जल्द ही 13 और कूड़ाघरों में काम्पैक्टर लगाने की तैयारी है। इसके साथ ही हुक लोडर भी खरीदे जाएंगे। इससे खुले में कूड़ा ढोने वाली गाड़ियां नहीं दिखाई देंगी। निगम ने कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।
ये कूड़ाघर हटाए जा रहे
सदर तहसील, पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के पास कूड़ाघर में कांपैक्टर लगे हैं। सोनिया, काशी विद्यापीठ, शिवाला, आदमपुर, हरितीरथ में लगाई जाएंगी।