ऐसे में उनके परिवार को सीबीआई जांच से ही न्याय मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता एक अन्य आरोपी अखिलेश के साथ बाइक पर नगर पंचायत की फाइल लेते जाता स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
पुलिस ने आज तक नगर पंचायत के रिकॉर्ड को नही खंगाला। पुलिस अब तक इस घटना में वाहन चालक चंदन के जरिए तरह-तरह की कहानी गढ़ रही है, जो अपना बयान बार बार अलग-अलग दे रहा है। पुलिस मामले को लेकर गंभीर रहती तो सभी आरोपी अब तक कानून के शिकंजे में रहते।
उन्होंने बताया कि सीबीआई जांच के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, अजय राय आदि जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। मामले से जुड़े तथ्यों की सीडीआर खंगालने व अन्य सम्बंधित लोगों से पूछताछ के जरिए मामले की गुत्थी सुलझाने में पुलिस नाकामयाब रही है।