आईएमएस बीएचयू के संस्थापक पद्मश्री प्रो.केएन उडुप्पा का शनिवार को जन्मशताब्दी समारोह मनाया गया। इसमें वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए प्रेरणा लेने की बात कही। मुख्य वक्ता प्रभारी कुलपति प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि प्रो. उडुप्पा की खासियत यह थी कि जो भी उनके संपर्क में आता था, उन्हें सदैव आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा देते रहते थे। आईएमएस के चिकित्सकों को अपने कार्यों से प्रो. उडुप्पा को सच्ची श्रद्धांजलि देनी होगी।
आईएमएस सभागार में आयोजित समारोह में आईएमएस निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने कहा कि बीएचयू में न्यूक्लियर मेडिसीन की शुरुआत का श्रेय भी प्रो. उडुप्पा को ही जाता है। मेडिसिन संकाय प्रमुख प्रो. एसके सिंह ने प्रो.उडुप्पा के कार्य व योगदान के लिए उन्हें बीएचयू के दूसरे मालवीय की संज्ञा दी। कहा कि शहनाई सम्राट उस्ताद बिस्मिल्ला खां एक कार्यक्रम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे, लेकिन जब उन्हें पता चला कि ये निमंत्रण प्रो. के. एन. उडुप्पा की ओर से आया है तो उस्ताद ने हामी भर दी। कार्यक्रम में प्रो. श्रीधर द्विवेदी, प्रो.एसएम तुली, पद्मश्री प्रो.आरएच सिंह, प्रो. आरपी तिवारी, प्रो. सरोज गुप्ता, पद्मश्री प्रो. चूड़ामणि गोपाल, प्रो. अभिमन्यु कुमार, प्रो.टीएम महापात्रा, प्रो.केएन अग्रवाल आदि लोग शामिल हुए।