कांची कामकोटि मठ के प्रबंधक सुब्रह्मण्यम मणि ने कहा कि पद्मभूषण पं. पट्टाभिराम शास्त्री ने काशी में वेद पाठशाला की स्थापना की। इसके माध्यम से उन्होंने पूरे भारत में वेदों के अध्ययन-अध्यापन के साथ वेद के प्रचार-प्रसार में अमूल्य योगदान दिया। आज पूरे भारत में जितने भी संस्कृत विश्वविद्यालय और विद्यालयों में शिक्षक हैं उसमें से अधिकतर यहां के छात्र रहे हैं।
वह बुधवार को हनुमान घाट स्थित पट्टाभिराम शास्त्री वेद मीमांसा अनुसंधान केंद्र में पद्मभूषण पंडित पट्टाभिराम शास्त्री की 30वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि कांची कामकोटी मठ के प्रबंधक सुब्रह्मण्यम मणि एवं विशिष्ट अतिथि लाल बहादुर संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के प्रो. गोपाल प्रसाद शर्मा रहे। इस दौरान पवन मिश्र, गोपाल तिवारी ,आशुतोष तिवारी, सौरभ दुबे, प्रियांशु तिवारी, डॉ. हनुमान मिश्र, श्रीनिवास लक्ष्मीकांत पुराणिक, सर्वेश रमण तिवारी आदि मौजूद रहे।