केस-1
एसएसबी में भर्ती 50 वर्षीय एक मरीज का इलाज दूसरे तल पर चल रहा है। डॉक्टरों की सलाह पर इनको इंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन लगने के बाद दुष्प्रभाव दिखने लगा। डॉक्टरों को परिजनों ने जानकारी दी, उनके भर्ती कागजात पर डॉक्टरों ने इंजेक्शन का दुष्प्रभाव होना भी लिखा है। अब परिजन परेशान हैं।
केस-दो
बीएचयू में करीब 18 मई से ही ब्लैक फंगस से परेशान होकर इलाज करा रहे 62 वर्षीय मरीज को भी इंजेक्शन लगने के बाद उसका दुष्प्रभाव दिखने लगा। मरीज के बेटे ने इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर की है। इसमें सरकार द्वारा मिल रहे इंजेक्शन की जगह दूसरा इंजेक्शन बीएचयू अस्पताल को भिजवाने की मांग की है।
बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि शासन की ओर से मिलने वाला इंजेक्शन एंफोटेरेसिन बी मरीजों को दिया जा रहा है। कुछ मरीजों में इसके दुष्प्रभाव की जानकारी मिली है, इसका मतलब यह नहीं कि वह इंजेक्शन खराब है। इसकी जगह उन्हें दवा पोसाकोनाजोल दी जा रही है। डॉक्टर मरीजों की सेहत पर नजर बनाए हैं।