ट्रॉमा सेंटर में खुलने वाली 24 घंटे जांच की सुविधा रहेगी। फिलहाल यहां पांच तरह की जांच होगी। इसमें बायोकेमिस्ट्री, हिमेटोलॉजी, पेशाब की जांच, एबीजी और थ्रंबो एलास्टोग्राम शामिल हैं। इसमें थ्रंबो एलास्टोग्राम जांच के लिए मशीन के लगने के बाद मैसिव ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल लागू हो जाएगा। ऐसे मरीज जिनको अधिक रक्तस्राव होता है, उनको ब्लड में कौन से सूक्ष्म तत्वों की अधिक जरूरत है, इसका पता लगाया जा सकेगा। बीएचयू में पहली बार ऐसी जांच शुरू हो रही है।
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 334 बेड वाले इस ट्रॉमा सेंटर का उदघाटन किया था। तब से लेकर अब तक खून जांच की कोई सुविधा नहीं थी। इस वजह से दूर दराज से आने वाले मरीजों, परिजनों को भागदौड़ करनी पड़ती थी। चिकित्सक यदि जांच लिखते थे तो उसका सैंपल देने के लिए सर सुंदरलाल अस्पताल तक जाना पड़ता था। अब ट्रॉमा सेंटर में खून जांच की सुविधा शुरू होने के साथ ही मरीजों को राहत होगी।
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में खून की जांच शुरू होने के बाद मरीज को मोबाइल पर ही इसकी रिपोर्ट भी मिल जाएगी। प्रोफेसर सौरभ सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट की एक प्रति इलाज करने वाले चिकित्सक को भी मोबाइल पर भी भेजी जाएगी, जिससे कि उन्हें इलाज करने में कोई असुविधा न हो। इसके लिए जांच के समय ही मरीज का मोबाइल नंबर लिया जाएगा और उस पर सैंपल रिसीव होने के बाद भी मैसेज मिल जाएगा।