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वाराणसी एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल: इंडिगो विमान में यात्रियों के हाथों में झंडे, बच्ची के हाथ में त्रिशूल

Mon, 21 Sep 2026 11:34 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी एयरपोर्ट से 224 दादी भक्त इंडिगो विमान में सवार होकर दिल्ली गए। सभी श्रद्धालुओं के हाथों में झंडे दिखाई दिए। वहीं एक बच्ची त्रिशूल लिए नजर आई। ऐसे में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए। 
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इंडिगो विमान में सवार दादी भक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जय दादी नाम बैंक काशी ट्रस्ट की ओर से रविवार को 224 दादी भक्त वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से दिल्ली की फ्लाइट से रवाना हुए। धार्मिक यात्रा के दौरान विमान के भीतर श्रद्धालुओं के हाथों में झंडे दिखाई दिए। वहीं, एक बच्ची के हाथ में त्रिशूल जैसी नुकीली वस्तु भी नजर आई। 

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यात्रा की सामने आई तस्वीरों के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच और विमान के भीतर प्रतिबंधित वस्तुओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, इस मामले में अनुमति को लेकर न तो एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारी कुछ बता पाए और न ही इंडिगो के। ट्रस्ट की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार श्रद्धालु इंडिगो के विमान संख्या 6ई359 से सुबह 7:25 बजे रवाना हुए। कुल 234 यात्रियों को यात्रा करनी थी। इसमें 224 ने दिल्ली के लिए उड़ान भरी। 

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सभी श्रद्धालु तीन दिवसीय दादी महोत्सव के तहत झुंझुनू स्थित रानी सती मंदिर जा रहे थे। विमान में यात्रियों ने सामूहिक रूप से रानी सती मंगल पाठ किया। पुरुष कुर्ता-पायजामा और महिलाएं राजस्थानी पोशाक में थीं। तस्वीरों में कई यात्रियों के हाथों में धार्मिक झंडे दिखाई दे रहे हैं। सुरक्षा का सबसे बड़ा सवाल त्रिशूल को लेकर है। 

विमान में प्रवेश से पहले यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा जांच की जाती है। ऐसे में यदि तस्वीर में दिखाई दे रहा त्रिशूल नुकीली वस्तु है, तो उसे विमान के अंदर ले जाने की अनुमति कैसे दे दी गई। सीआईएसएफ व नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) की हवाई यात्रा संबंधी सुरक्षा सूची में कई प्रकार की धारदार और नुकीली वस्तुओं को विमान में ले जाने पर प्रतिबंध है। फिर भी विमान के अंदर बच्ची के हाथ में दिखाई दे रहा त्रिशूल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है।
 
विमान में धार्मिक आयोजन भी चर्चा में
यात्रियों ने विमान के अंदर सामूहिक मंगल पाठ किया। सवाल यह भी है कि उड़ान के दौरान सामूहिक धार्मिक गतिविधि के लिए एयरलाइन या क्रू से पूर्व अनुमति ली गई थी या नहीं। विमान के भीतर किसी भी सामूहिक गतिविधि की अनुमति सुरक्षा और संचालन संबंधी नियमों के अनुरूप ही होती है। धार्मिक आयोजनों को अक्सर अनुमति नहीं दी जाती, फिर भी बड़ी संख्या में यात्रा को अनुमति दी गई।

विमान में यूट्यूब से पढ़ा मंगल पाठ
ट्रस्ट की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार सभी श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल में यूट्यूब के माध्यम से मंगल पाठ पढ़ा। ट्रस्ट के सदस्य सुरेश तुलस्यान ने बताया कि मंगल पाठ के लिए इंटरनेट का उपयोग नहीं किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने इसे पहले से मोबाइल में डाउनलोड कर रखा था। सबने ईयरफोन में मंगलपाठ सुना और स्मरण किया। किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया गया।
 
फ्लाइट में झंडा-त्रिशूल ले जाने की क्या है व्यवस्था
एयरपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार कपड़े का छोटा झंडा सामान्य तौर पर प्रतिबंधित वस्तु नहीं है। हालांकि उसे हैंड बैगेज में निर्धारित आकार-सीमा के भीतर रखना होगा। झंडे के साथ लगा लंबा, नुकीला या धातु का डंडा सुरक्षा जांच में रोका जा सकता है। ऐसे ही नुकीली या धारदार वस्तु होने के कारण त्रिशूल को केबिन बैगेज या हाथ में लेकर विमान में ले जाने की अनुमति नहीं होती। सुरक्षा जांच में इसे रोका जा सकता है। चेक-इन बैगेज में भी इसकी अनुमति संबंधित सुरक्षा जांच और एयरलाइन के नियमों पर निर्भर करती है। वस्तु धार्मिक होने मात्र से सुरक्षा नियमों में छूट नहीं मिलती। अंतिम निर्णय एयरपोर्ट सुरक्षा जांच के दौरान लागू सुरक्षा प्रावधानों के अनुसार होता है।
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क्या बोले अधिकारी

इस यात्रा के लिए अनुमति को लेकर कोई जानकारी नहीं है। विमान में त्रिशूल कैसे पहुंचा यह बिलकुल जांच का विषय है। इसकी जांच कराएंगे।
-पुनीत गुप्ता, एयरपोर्ट डायरेक्टर

विमान में त्रिशूल और झंडे को लेकर कोई अनुमति नहीं दी जाती। विमान में ले जाने की अनुमति बीसीएएस द्वारा दी गई होगी। इसकी जानकारी नहीं है। -सोनू कुमार, प्रभारी स्टेशन हेड, इंडिगो, वाराणसी

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