प्रशासन ने चिह्नित भवनों को तोड़ने के साथ मलबा हटाने का काम भी तेज कर दिया है, ताकि सड़क चौड़ीकरण परियोजना को समय पर पूरा किया जा सके। मजदूर भवनों को गिराने और मलबा हटाने में जुटे रहे। बुलडोजर और मजदूरों की मदद से दीवारों एवं पुराने ढांचों को ध्वस्त किया गया।
आसपास के क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रतिदिन करीब सात घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है और सभी प्रभावित भवनों को नियमानुसार हटाया जाएगा।
एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि दालमंडी चौड़ीकरण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए चरणबद्ध तरीके से ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी कार्रवाई प्रशासनिक नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप की जा रही है। उधर, नगर निगम की ओर से क्षेत्र में नए सिरे से जर्जर भवनों का सर्वे किया जा रहा है, ताकि बारिश से पहले उन्हें तोड़ा जा सके।
दालमंडी में जयशंकर प्रसाद का एक भवन है। उसकी एक दीवार और मकान का कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। अब तक 112 भवनों पर कार्रवाई की गई है। सड़क बनाने का काम जून में होगा। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी