लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर से आने वाली बसों में रोजाना पार्सल लाए जाते हैं। अगर इन बसों में आने-जाने वाले पार्सल का टिकट काटा जाए तो रोडवेज को प्रत्येक माह लाखों का आय होगी। वर्तमान में रोडवेज में कुल आठ से दस कुली पंजीकृत हैं।
भोर में होता है खेल
लखनऊ, कानपुर के रास्ते आने वाली बसें कैंट डिपो के पीछे बनी पानी की टंकी के पास भोर में सुबह आकर खड़ी हो जाती हैं। इसके बाद सभी यात्री को उतारा जाता है। कुली का एक कर्मचारी ट्रॉली लेकर खड़ा रहता है। बस में रखा सारा पार्सल ट्रॉली पर लादकर कुली अपने गोदाम पर ले आता है। पार्सल का मालिक कुली के पास आकर सुविधा शुल्क देकर अपना माल ले जाते हैं।
वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी ने कहा कि ऐसा मामला हाल में ही संज्ञान में आया है। जो बसों से पार्सल का हेरफेर कर रहे हैं। उनके खिलाफ जांच कराकर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।