प्रसिद्ध गजल गायक पंकज उधास शाम-ए-बनारस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पांच साल बाद रविवार को वाराणसी पहुंचे थे। सोमवार सुबह उन्होंने सपरिवार काशी विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई।
मखमली आवाज से गजल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले पद्मश्री पंकज उधास ने सपरिवार सोमवार को काशी विश्वनाथ दरबार में हाजिरी लगाई। विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में उन्हें अंगवस्त्र और बाबा की प्रसाद पोटली भेंट की गई।
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प्रसिद्ध गजल गायक पंकज उधास ने काशी विश्वनाथ धाम को अद्भुत बताते हुए बाबा दरबार की भव्यता की तारीफ की। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बेटी रिवा के साथ काशी विश्वनाथ मंदिर में जाना मेरे लिए दिव्य क्षण था। वह रविवार को शाम-ए-बनारस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पांच साल बाद रविवार को वाराणसी पहुंचे थे।
अग्रवाल महासभा चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से रविवार शाम रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित शाम-ए-बनारस में पंकज उधास की आवाज का जादू सिर चढ़कर बोला। वरिष्ठ नागरिकों के साथ ही युवा भी उनकी नज्मों पर एक ठंडी हवा के झोंके की तरह महसूस करते रहे। चिट्ठी आई है आई है चिठ्ठी आई है, चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल...पर तो लोग खुद को झूमने से नहीं रोक सके।
इसके बाद मोहे आई ना जग से लाज मैं ऐसा जोर के नाची आज कि घुंघरू टूट गए, जिएं तो जिएं कैसे बिन आपके... जैसी उनकी सदाबहार गजलों से महफिल जवान हो गई। खचाखच भरा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर तालियों की गड़गड़ाहट एवं हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।