वाराणसी के अस्सी घाट पर गुरुवार से होने वाले दो दिवसीय कथक नृत्य महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसमें पांच मशहूर नृत्यांगनाओं, दो नर्तकों समेत 23 कलाकार हिस्सा लेंगे। कथक गुरु पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज महोत्सव में बैठकी भाव में नृत्य प्रस्तुति देंगे।
यह आयोजन नटराज संगीत एकेडमी की ओर से किया जाएगा। मंगलवार को एकेडमी में नवोदित नृत्यांगनाओं ने रिहर्सल किया। कथक नृत्य महोत्सव की शुरुआत 12 अक्तूबर की शाम 6:30 बजे होगी। पहली प्रस्तुति नटराज संगीत एकेडमी की छात्राओं की होगी।
एकेडमी की छात्राओं ने मंगलवार को रिहर्सल शुरू कर दिया। आमद, उठान, परन, तोड़ी, टुकड़े, रेला, चक्करदार के अलावा छोटी-छोटी तिहाइयों का अभ्यास एकेडमी का निदेशिका संगीता सिन्हा ने कराया। महोत्सव में मुंबई की नृत्यांगना पूजा पंत भी प्रस्तुति देंगी।
तबले परह विवेक मिश्र, सितार पर ध्रुवनाथ मिश्र और गायन पर पुष्कराज भागवत संगत करेंगे। मुंबई के ही केका सिन्हा एवं ग्रुप के साथ सोमांगका भट्टाचार्या और श्वता पडवाल का नृत्य होगा। इनके साथ तबले पर पं. कालीनाथ मिश्र, पखावज पर सत्यप्रकाश मिश्र, गायन पर वैभव मांडकर संगत करेंगे।
13 अक्तूबर को उर्वशी के कथक नृत्य और उत्कर्ष के गिटार की जुगलबंदी से होगी। तबले पर विवेक मिश्रा, सिंथेसाइजर पर दिव्यांश हर्षित साथ देंगे। नृत्य निर्देशन संगीता सिन्हा का होगा।
इनके बाद मुंबई की जोनाकी राघवन और दिल्ली की नृत्यांगना शाश्वती सेन अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगी। अंत में पं. बिरजू महाराज बैठकी भाव में कथक नृत्य से महोत्सव को यादगार बनाएंगे।