भगवान कर्मदेश्वर महादेव का विधिवत पूजन अर्चन किया। पवन ब्रह्मचारी ने बताया कि शनिवार को सुबह दर्शन पूजन के बाद दूसरे पड़ाव भीमचंडी के लिए पदयात्रा करेंगे। पांचो पडाव के बाद सात को अंतिम दिन सात मई को बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन के बाद यात्रा को विराम देंगे।
उन्होंने बताया कि पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ाव के दौरान करीब 75 किमी की यात्रा तय करेंगे। पंचक्रोशी यात्रा के पांच पड़ावों में कर्दमेश्वर, भीमचंडी, रामेश्वर, पांचो पांडवा शिवपुर और कपिलधारा है।
कल निकलेगी सप्त तीर्थी स्नान व दर्शन पूजन यात्रा
काशी प्रदक्षिणा दर्शन यात्रा समिति के बैनर तले सप्ततीर्थी यात्रा चार मई को शुरू होगी। यात्रा संचालक उमाशंकर गुप्ता ने बताया कि सात तीर्थों पर स्नान व काशी खंडोक्त के मंदिरों में दर्शन पूजन होगा। इसमें असि तीर्थ पर असि संगमेश्वर, माया देवी (हरिद्वार व पुरी तीर्थ का फल), गौरी-केदार तीर्थ (कांचीपुरी व शिव कांची), प्रयाग तीर्थ, पादोदक तीर्थ वरुणा संगम, त्रिलोचन तीर्थ, पिलपिला तीर्थ, पंचगंगा तीर्थ, मणिकर्णिका तीर्थ पर स्नान-दान व दर्शन पूजन होगा। यात्रा चार को सुबह 7:30 बजे अस्सी घाट पर स्नान, दर्शन के बाद नौका से अगले तीर्थ पर जाएंगे।