आलीशान क्रूज ‘राजमहल’ बुधवार को रामनगर होते हुए चुनार पहुंचा। विदेशी सैलानियों ने गंगा की लहरों पर क्रूज की सैर का लुत्फ उठाने के साथ ही रामनगर और चुनार के ऐतिहासिक किले का भी दीदार किया।
काशी से रामनगर होते हुए चुनार तक का क्रूज का यह सफर गंगा किनारे की बस्तियों में कौतूहल और आकर्षण का केंद्र बना। रामनगर और चुनार में लंगर डालने के दौरान क्रूज को देखने के लिए गंगा किनारे सैकड़ों की भीड़ उमड़ी।
कोलकाता से पटना होते हुए यह क्रूज मंगलवार को वाराणसी के खिड़किया घाट पहुंचा।
क्रूज पर इंग्लैंड के चार सैलानी ही आए हैं लेकिन गंगा में जल परिवहन की संभावनाओं के मद्देनजर लोगों के लिए क्रूज की यह यात्रा उत्सुकता का केंद्र बन गई है। क्रूज से उतरने के बाद मंगलवार को सैलानियों ने सारनाथ का भ्रमण किया और फिर गंगा आरती देखी। रात में खिड़किया घाट से कछुआ सेंचुरी होते हुए क्रूज रामनगर के लिए रवाना हुआ। रात में क्रूज के चारों तरफ जलती लाइटें इसके सफर को और आकर्षक बना रही थीं।
रामनगर के बाद क्रूज ने चुनार में लंगर डाला। सैलानियों ने दोनों ऐतिहासिक किलों का दीदार किया। क्रूज मैनेजर कुनाल सिंह ने बताया कि गुरुवार की सुबह वह बनारस के लिए निकलेंगे। शाम को वाराणसी से क्रूज कोलकाता वापस लौट जाएगा। क्रूज इस पर्यटन सीजन में कई ट्रिप लगाएगा।