वाराणसी। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत में मुसलमानों और मस्जिदों के सुरक्षित न होने संबंधी बयान का अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव सैय्यद मोहम्मद यासिन ने खंडन किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने देश की मस्जिदों और मुसलमानों की सुरक्षा करें। हमें उनकी हमदर्दी की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, पाकिस्तान में मस्जिदों में आए दिन बम धमाके हो रहे हैं। वहां के लोग दहशत के साये में जी रहे हैं। ऐसे में वह भारत की मस्जिदों की चिंता कर रहे हैं। हम अपने देश के मसले में कानूनी लड़ाई लड़ने में सक्षम हैं। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। यह हमारा आंतरिक मामला है। वह अपने यहां की व्यवस्था सुधारे। यहां कानून है और हम कानूनी तरीके से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। रेलवे द्वारा काशी स्टेशन के विस्तार के लिए पास की गंजे शहीदा मस्जिद को गिराए जाने पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति जरदारी ने भारत में मुसलमानों और ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों के खतरे में होने का दावा किया है।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति के एक्स अकाउंट से शनिवार को आसिफ अली जरदारी का बयान जारी हुआ। इसमें कहा गया है कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को गिराए जाने और उन्हें नष्ट करने की दी जा रही धमकियों पर चिंता जताते हुए भारत से इसे तुरंत रोकने को कहा गया है। इन धार्मिक स्थलों में वाराणसी की गंजे शहीदा मस्जिद भी शामिल है। उन्होंने ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और अल्पसंख्यकों के अधिकारों एवं साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की अपील की है।