मकान को बनाया हॉस्टल, कर्मचारियों और लड़कों का सत्यापन तक नहीं
नगवा में पेंटर सोनू यादव की हत्या के बाद मकान के बारे में जानकारी मिली कि बिना किसी अनुमति के हॉस्टल का संचालन किया जा रहा था। घटना के दौरान का डीवीआर भी गायब रहा। सीसी कैमरे जरूरी होते हुए भी मानक को पूरा नहीं किया गया। लंका, नगवा, सीरगोवधर्न, डाफी, सामनेघाट और दुर्गाकुंड क्षेत्र में किरायेदारों का सत्यापन नहीं हो रहा है। बिना अनुमति के गर्ल्स और ब्वायज हॉस्टल चल रहे हैं। मकान में किरायेदारों से सिर्फ आधार कार्ड लेकर उन्हें ठहराया जा रहा है। बिहार से अवैध असलहे और मादक पदार्थों की खेप किराये के कमरों से विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच रही है। सीरगोवर्धन और सामनेघाट, नगवा में हॉस्टलों में दिन, रात लोगों की आवाजाही होती है। कोई लगाम नहीं है। कुछ मकान मालिक बाहर हैं। केयरटेकर के भरोसे मकान सौंप दिया है। चौकी प्रभारी और बीट सिपाही आवभगत में व्यस्त हैं। नरिया के पांडेय महाल, साकेतनगर, भोगावीर, रश्मिनगर में 50 फीसदी लोगों ने अपने मकान को किराये पर दे रखा है। कुछ में होम स्टे तो अधिकतर में गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल चल रहे हैं। आपराधिक प्रवृत्ति के लोग हॉस्टल चला रहे हैं। देर रात तक डीजे, पार्टी और गाड़ियों के शोर से मोहल्ले वालों की नींद काफूर होती है। शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होती है।
न फायर सेफ्टी और न ही कूड़े का निस्तारण
गली-गली में संचालित हॉस्टल, होम स्टे और गेस्ट हाउस में फायर सेफ्टी के मकान पूरे नहीं हैं। एक मकान में 20-25 किरायेदार रहते हैं और कूड़े के नाम पर सिर्फ 50 रुपये दिए जाते हैं। नगर निगम के सुपरवाइजर भी कई हॉस्टल, गेस्ट हाउस में अलग से चार्ज फिक्स कर रखे हैं।
क्या बोले अधिकारी
हर पहलुओं की जांच की जा रही है। चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बीएचयू के छात्रों से भी लंबी पूछताछ की गई। -गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर