महिला वर्ग में जाल्हूपुर की शुभांगी ने जीता कांस्य
प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही जाल्हूपुर निवासी शुभांगी को 50 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। लगातार तीन बाजी जीत कर पदक की दौड़ में पहुंची शुभांगी की मांसपेशियों में लगातार खेलने से खिंचाव आ गया था। इस वजह से उन्हें कांस्य से संतोष करना पड़ा।
आत्मरक्षा के साथ किकबॉक्सिंग से आती है शारीरिक मजबूती
किकबॉक्सिंग मुक्केबाजी के पंचों और विभिन्न मार्शल आर्ट की किक का मिश्रण है, जो आत्मरक्षा तकनीक बनाने के साथ शरीर को भी मजबूत बनाता है। इसमें खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिए पंच और किक का उपयोग करते हैं। खेल के दौरान शरीर के ऊपरी हिस्से और पैरों पर प्रहार की अनुमति होती है। इसमें सिर पर सीधे घुटने से हमला नहीं कर सकते हैं। हालांकि, कुछ शैलियों में घुटनों और कोहनी से प्रहार की अनुमति होती है।