प्रो. रामयत्न शुक्ल, किसान चंद्रशेखर सिंह और डोमराजा स्व. जगदीश चौधरी
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जिसमें काशी की तीन विभूतियों को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। इसमें प्रो. रामयत्न शुक्ल, किसान चंद्रशेखर सिंह और डोमराजा स्व. जगदीश चौधरी शामिल हैं। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल को संस्कृत की सेवा के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है।
वहीं किसान चंद्रशेखर सिंह को कृषि क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। डोम राजा स्व. जगदीश चौधरी को मरणोपरांत पद्म श्री सम्मान दिया जाएगा। उनके पुत्र ओम चौधरी (16) राष्ट्रपति द्वारा नौ नवंबर को राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री सम्मान ग्रहण करेंगे।
पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र
पं. छन्नूलाल मिश्र को इससे पूर्व 31 मार्च 2010 को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल ने पद्मभूषण से अलंकृत किया था। वह शास्त्रीय संगीत के चंद ऐसे कलाकारों में हैं जिन्हें पद्मश्री के बजाय पद्मभूषण प्रदान किया गया। पद्मभूषण के बाद पद्मविभूषण सम्मान मिलने से बनारस घराने के सम्मान में बढ़ोतरी हुई है। पं. छन्नूलाल मिश्र को खयाल, ठुमरी, भजन, दादरा, कजरी और चैती जैसे लोकगीत विधाओं के गायन के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है।
तीन अगस्त 1936 को आजमगढ़ में जन्मे पं. छन्नूलाल मिश्र को वर्ष 2010 में पद्मभूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार व यश भारती से भी सम्मानित किया जा चुका है। छन्नूलाल मिश्र ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में शीर्ष ग्रेड कलाकार रह चुके हैं। वह संस्कृति मंत्रालय के सदस्य भी रहे हैं।
उनके दादा गुदई महाराज शांता प्रसाद प्रसिद्ध संगीतकार थे। छह साल की उम्र से ही पं. मिश्र ने अपने पिता बद्री प्रसाद मिश्र से संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी थी। किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान से भी उन्होंने शिक्षा ली।
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