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पीएसी सिपाही भर्ती फर्जीवाड़ाः अपर निदेशक स्वास्थ्य के कार्यालय का प्रशासनिक अधिकारी गिरफ्तार

Tue, 17 Dec 2019 09:01 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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Arrest - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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पीएसी सिपाही भर्ती परीक्षा के रि-मेडिकल टेस्ट में हुए फर्जीवाड़े में मंगलवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य के कार्यालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी अजय कुमार पांडेय को पुलिस ने एयरफोर्स चौराहा से गिरफ्तार किया।

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पुलिस के अनुसार, अजय भर्ती परीक्षाओं के जिला स्तरीय मेडिकल टेस्ट के लिए डॉक्टरों के पैनल का गठन करता था। साथ ही प्रकरण में जेल भेजे गए डॉ. शिवेश जायसवाल और डॉ. एसके पांडेय से मिलीभगत कर उसने अभ्यर्थियों को रि-मेडिकल टेस्ट उत्तीर्ण कराने का ठेका लिया था।

पुलिस के अनुसार, डॉ. शिवेश के मोबाइल की कॉल रिकार्डिंग और गिरफ्तार अन्य तीन आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर अजय के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अजय को पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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पीएसी सिपाही भर्ती परीक्षा के मेडिकल में असफल अभ्यर्थियों का रि-मेडिकल टेस्ट बीते 28 से 30 अक्तूबर को पुलिस लाइन परिसर में होना था। इसी बीच पुलिस को पता लगा कि मेडिकल बोर्ड के पैनल में शामिल डॉक्टरों ने कुछ अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण कराने का ढाई से तीन लाख रुपये में ठेका लिया है।
 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि डॉ. शिवेश के मोबाइल की मदद से प्रकरण के मास्टर माइंड अजय को चिह्नित करने में मदद मिली। मंगलवार को अजय एयरफोर्स चौराहा पर मौजूद था, यह सूचना दरोगा अजय पाल को मिली तो उन्होंने सिपाही विपिन गुप्ता और बनवीर के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रामनगर पीएसी के सिपाही रमेश सिंह और गाजीपुर पुलिस लाइन के सिपाही राजेश कुमार सिंह सहित तीन नामजद आरोपियों की तलाश है।

31 दिसंबर को अजय को होना था रिटायर

अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय का प्रशासनिक अधिकारी जदीद बाजार वरुणा पुल निवासी अजय के करीबी संबंध ऊंची पहुंच वाले लोगों से थे। इस वजह से कार्यालय में ऐसा दिखावा करता था जैसे वह खुद ही अपर निदेशक स्वास्थ्य हो।

सहकर्मियों ने बताया कि अजय आगामी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाला था। उधर, कैंट पुलिस के अनुसार अभी प्रकरण की विवेचना जारी है। पुलिस की कार्रवाई की जद में स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी और पैरामेडिकल स्टाफ भी आएंगे।
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