सीओ कैंट मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि डॉ. शिवेश के मोबाइल की मदद से प्रकरण के मास्टर माइंड अजय को चिह्नित करने में मदद मिली। मंगलवार को अजय एयरफोर्स चौराहा पर मौजूद था, यह सूचना दरोगा अजय पाल को मिली तो उन्होंने सिपाही विपिन गुप्ता और बनवीर के साथ उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को रामनगर पीएसी के सिपाही रमेश सिंह और गाजीपुर पुलिस लाइन के सिपाही राजेश कुमार सिंह सहित तीन नामजद आरोपियों की तलाश है।
31 दिसंबर को अजय को होना था रिटायर
अपर निदेशक स्वास्थ्य कार्यालय का प्रशासनिक अधिकारी जदीद बाजार वरुणा पुल निवासी अजय के करीबी संबंध ऊंची पहुंच वाले लोगों से थे। इस वजह से कार्यालय में ऐसा दिखावा करता था जैसे वह खुद ही अपर निदेशक स्वास्थ्य हो।
सहकर्मियों ने बताया कि अजय आगामी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाला था। उधर, कैंट पुलिस के अनुसार अभी प्रकरण की विवेचना जारी है। पुलिस की कार्रवाई की जद में स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य कर्मचारी और पैरामेडिकल स्टाफ भी आएंगे।