पी. चिदंबरम व अन्य लोग
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पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि यूपी में कोई भी पार्टी कांग्रेस को कम आंकने की भूल न करे। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। तीन राज्यों के चुनाव परिणाम साबित करते हैं कि कांग्रेस कमजोर नहीं हुई है। जनता ने भी बता दिया है कि वह क्या चाहती है।
हालांकि उन्होंने दावा किया कि सपा-बसपा गठबंधन से भाजपा को भारी नुकसान पहुंचेगा। लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणापत्र तैयार करने वाली समिति के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री शनिवार को अलग-अलग वर्ग लगभग तीन सौ चुनिंदा प्रतिनिधियों की सलाह लेने आए थे।
दो घंटे की रायशुमारी के बाद उन्होंने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में कहा, सपा-बसपा का गठबंधन आखिरी नहीं है। चुनाव तक हमारे सभी विकल्प खुले हैं। जरूरत पड़ी तो हम धर्मनिरपेक्ष ताकतों के साथ हम मिलकर चुनाव में उतरेंगे। हमारा मकसद भाजपा को हराना है और इसी मुद्दे पर सभी धर्मनिरपेक्ष पार्टियां एकसाथ आई हैं।
हमारी गलतियां बताएं हम उन्हें सुधारेंगे
कांग्रेस के घोषणापत्र के लिए काशी के चुनिंदा लोगों ने खुलकर सुझाव दिए। गंगा की निर्मलता और अविरलता और काशी की मौलिकता के अलावा बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर भी नए ढंग से सुझाव आए।
छोटे व्यापारियों ने जहां जीएसटी में सुधार करने और एक कर लगाने की बात कही तो बिल्डर्स ने एक समान आवासीय नीति की मांग की। कर्मचारी नेताओं ने पेंशन को बहाल करने की मांग पर जोर दिया। दो घंटे के विचार-विमर्श मे सामने आए खास बिंदुओं को पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोट किया और कई पर सहमति जताई।
लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष चिदंबरम शनिवार को मोती झील स्थित अजमतगढ़ पैलेस में जन संवाद की अध्यक्षता कर रहे थे। शुरुआत में ही चिदंबरम ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि यह कांग्रेस की सभा है। आप वही कहिए जो कांग्रेस के लिए आप चाहते हैं। हमारी गलतियां बताएं, हम उन्हें सुधारेंगे। आप जो भी कहेंगे, उसकी हर खास बात को मैं लिखूंगा।
प्रमुख सुझाव
- गंगा की अविरलता
- काशी की मौलिकता को बनाए रखें
- किसानों की समस्या दूर हो
- बेरोजगारों के लिए रोजगार गारंटी योजना
- शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर करने की मांग
- हैंडलूम व साड़ी व्यवसाय को करमुक्त करना
- जीएसटी में संशोधन और एक कर लागू करने