यूपी के भदोही जिले के लखनो गांव में शनिवार सुबह स्कूली वैन की आग में 19 बच्चों के झुलसने की घटना ने सबको हिलाकर रख दिया। इस घटना से 25 जुलाई 2016 में मानवरहित कैयरमऊ रेलवे क्रॉसिंग हादसे की याद ताजा कर दी।
पिछले पांच साल में करीब 15 से अधिक स्कूल वाहनों से जुड़ी छोटी-बड़ी घटनाएं हुईं हैं। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाने से लोगों में काफी गुस्सा दिखा। बेहतर शिक्षा देने के बजाए प्रबंध तंत्र अभिभावकों से मोटी कमाई करते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर संजीदा नहीं रहते। जिले में यह पहली घटना नहीं है।
पांच साल में करीब 15 से अधिक घटनाएं हुईं, जिनमें 25 जुलाई 2016 को कैयरमऊ ट्रेन हादसा सबसे ज्यादा हृदय विदारक था। उस घटना में स्कूली वैन में सवार आठ बच्चों की जान चली गई थी। उसके बाद कुछ दिनों तक प्रशासन सक्रिय रहा, पर उसके बाद सब कुछ सामान्य हो गया।
हफ्तेभर पहले सुरियावां में स्कूली वाहन पलट गया था। हालांकि सभी बच्चे सुरक्षित बच गए। इसी तरह अभोली के गुआली गांव में बच्चों को लेकर जा रहा ऑटो नहर में पलट गया था। उसमें भी सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। हालांकि उप संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों में कैयरमऊ की एकमात्र घटना ही दर्ज है।