इसके साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताजा गर्म पका भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को मोटे अनाज, दाल और मौसमी सब्जियों को शामिल करते हुए साप्ताहिक मेन्यू तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। अभिभावकों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों और आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों की मौजूदगी में भोजन का प्रदर्शन और सामुदायिक स्वाद परीक्षण भी कराया जाएगा।
इस साल पोषण माह में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के दस वर्ष पूरे होने को भी प्रमुखता दी जाएगी। पात्र गर्भवती और धात्री महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए 100 प्रतिशत संतृप्ति अभियान चलाया जाएगा। लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान में तेजी लाने और योजना के स्थानीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए टूलकिट भी शुरू की जाएगी।
हर आंगनवाड़ी में बनेगी प्रबंधन समिति
पोषण माह का एक प्रमुख फोकस सामुदायिक स्वामित्व और जवाबदेही होगा। सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगनवाड़ी प्रबंधन समितियों (एएमसी) के गठन और उन्हें सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा। पोषण माह के दौरान प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर कम से कम एक एएमसी बैठक आयोजित कर सेवा वितरण की समीक्षा की जाएगी। हर केंद्र पर एसएनपी मेन्यू बोर्ड भी लगाया जाएगा। इसमें रोजाना दिए जाने वाले भोजन और लाभ की जानकारी प्रदर्शित होगी। एएमसी और मातृ समितियां भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन दिए जाने की निगरानी करेंगी।
0 से 3 साल के बच्चों के विकास पर भी नजर
अभियान में बच्चों के पोषण के साथ उनके शुरुआती विकास और शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। तीन वर्ष तक के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर अभिभावकों को उत्तरदायी देखभाल और उम्र के अनुसार गतिविधियों की जानकारी देंगी। 0 से 3 वर्ष के सभी बच्चों के 34 विकासात्मक पड़ावों को दर्ज करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
विकास संबंधी समस्या वाले बच्चों को स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के सहयोग से आगे की जांच व हस्तक्षेप के लिए भेजा जाएगा। तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित गतिविधियों और शुरुआती शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) दिवस मनाया जाएगा। पांच से छह वर्ष के बच्चों को नजदीकी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों का भ्रमण भी कराया जाएगा। समुदाय के सहयोग से खिलौने और खेल-शिक्षण सामग्री जुटाने के अभियान चलेंगे।