खुटहन थाना क्षेत्र के बड़नपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह के घर में 27 मार्च 2020 की रात चोरों ने खिड़की तोड़कर करीब 12 लाख रुपये की चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पूर्व क्षेत्राधिकारी शुभम तोंदी द्वारा जांच में पूर्व एसआई रणजीत उपाध्याय के साक्ष्य छिपाने की पुष्टि हुई थी। यही नहीं साथ ही फॉरेंसिक टीम ने संदिग्धों के फिंगर के नमूने लिए थे, जिसका केस डायरी में भी जिक्र नहीं है। इस मामले में कप्तान ने क्षेत्राधिकारी को पुन: जांच का आदेश दिया है।
उक्त प्रकरण में पीड़ित ने एसपी डा.अजय पाल शर्मां से मिलकर न्याय की गुहार लगाते हुए एसआई और चोरी के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले के संबंध में एसपी ने सीओ शाहगंज अजीत सिंह चौहान को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूर्व सीओ शाहगंज शुभम तोंदी ने जांच में पाया कि 10 अप्रैल 2023 को संदिग्धों के फिंगर का प्रिंट लिया गया जबकि केस डायरी में फील्ड यूनिट द्वारा फिंगरप्रिंट उठाने की बात का उल्लेख नहीं किया गया। जिसमें तत्कालीन उप निरीक्षक रणजीत उपाध्याय की घोर लापरवाही पाई गई थी। उक्त रिपोर्ट पूर्व सीओ ने पांच सितंबर 2023 को उच्चाधिकारियों को सौंपी थी।
फिंगरप्रिंट के तथ्य को छिपाने के मामले में लापरवाही उजागर हो जाने के बाद भी उपनिरीक्षक के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। चोरी के दूसरे दिन 28 मार्च को अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ जिसकी जांच खुटहन थानाध्यक्ष और क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। एसपी के आदेश पर उपरोक्त मुकदमे की पुनर्विवेचना क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित की गई। साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट भी सौंपी गई।