रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार, लगभग ढाई सौ छोटे-बड़े डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। वाराणसी-प्रयागराज, वाराणसी-शक्तिनगर, वाराणसी-जौनपुर और वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर रोजाना डग्गामार वाहनों की आवाजाही है। बाकायदा स्टैंड बनाकर डग्गामार बसों का संचालन किया जा रहा है। कैंट स्टेशन के ठीक सामने फ्लाई ओवर के नीचे डग्गामार बसों का संचालन आजमगढ़ और जौनपुर के लिए हो रहा है। सुबह से लेकर रात तक फ्लाईओवर के नीचे डग्गामार बसें खड़ी होकर सवारियां बैठाती हैं लेकिन इलाकाई पुलिस और आरटीओ मौन हैं।
यही हाल कैंट रोडवेज बस स्टेशन के ठीक सामने और पीछे परेडकोठी का भी है। कभी-कभी तो डग्गामार वाहनों के चालक व परिचालक रोडवेज के अंदर से यात्रियों को उठा ले जाते हैं। कैंट रेलवे स्टेशन के पास पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कालेेज के सामने से प्रयागराज व भदोही रूट के लिए डग्गामार बसें संचालित हो रही हैं। वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के लिए टेंगरा मोड़, रामनगर आदि इलाकों से डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। होली त्योहार पर यात्रियों की संख्या रोजाना बढ़ रही है तो डग्गामार वाहनों की भी संख्या में इजाफा हो रहा है।
सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई के लिए आरटीओ व रोडवेज ने संयुक्त रूप से 12 मार्च से अभियान चला रखा है। अब तक 60 से अधिक डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की गई। वाराणसी-शक्तिनगर और वाराणसी-प्रयागराज रूट पर आरटीओ चेकिंग अभियान 12 अप्रैल तक चलेगा। - एसके राय, क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज