महानगर उद्योग व्यापार समिति की ओर से सोमवार को दुकानों को खोले जाने के संबंध में वर्चुअल बैठक की गई। इसमें समिति से जुड़े सभी क्षेत्रीय संगठनों ने हिस्सा लिया। पूर्वांचल रियल स्टेट एसोसिएशन के चेयरमैन अनुज डीडवानिया व अध्यक्ष आरसी जैन ने कहा कि बाजार खुलेंगे तभी कंस्ट्रक्शन क्षेत्र में तेजी आएगी। बाजारों को दो शिफ्ट में बांटकर खोलना चाहिए। बैठक में व्यापारियों ने शासन की मंशा पर सवाल उठाते हुए कई अहम निर्णय लिए। तय किया कि 28 मई तक लगातार बैठकों का आयोजन किया जाएगा।
संरक्षक श्रीनारायण खेमका ने कहा कि यदि व्यापार बंद होता है तो सरकार हमारे सारे टैक्स व ब्याज माफ करे। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन व दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश भाटिया व सचिव नीरज पारीख ने कहा कि यही हाल रहेगा तो उद्योगों को भी एक दिन बंद करना पड़ेगा। बनारस होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गोकुल शर्मा ने कहा कि हमारी मांगे सही तरीके से सरकार के पास नहीं पहुंच पा रही हैं। वाराणसी ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष यू आर सिंह और काशी रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश जायसवाल ने सभी दुकानों को खोलने के लिए शहर के सभी जन प्रतिनिधियों को ज्ञापन देने को कहा।
तो मजबूरी में सोमवार से खोलेंगे दुकानें
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा व महामंत्री प्रमोद अग्रहरी ने कहा कि स्थानीय प्रशासन यदि बृहस्पतिवार तक अन्य बानों की दुकानों के खोलने की अनुमति नहीं देती है तो हम सोमवार से मजबूरी में दुकानों को स्वेच्छा से खोलेंगे। बैठक में रमेश निरंकारी, विश्वनाथ दुबे, रविंदर जायसवाल, अरविंद लाल, रमेश भारद्वाज व अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
सभी दुकानें खोलने की मिले अनुमति
अख़िल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि प्रशासन से अनुरोध है कि सभी तरह की दुकानों को लेफ्ट और राइट कर सातों दिन 12 से छह बजे तक खोलने की अनुमति दी जाए। इस अवसर पर संजय जायसवाल, कैलाश साहू, राम भरत ओझा, राजेश यादव, नारायण डी के , हरीश केसरी, विनोद जायसवाल आदि व्यापारी मौजूद रहे।
दो शिफ्ट में खोलीं जाएं दुकानें
काशी व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारियों ने भी शासन-प्रशासन से सभी तरह की दुकानों को खोलने की गुहार लगाई। व्यापारियों ने बताया कि सभी बानों के दुकानों को सुबह छह से 12 बजे व एक से शाम सात बजे तक दो शिफ्ट में खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। बैठक में राकेश जैन, रविशंकर सिंह, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, मदन मोहन अग्रवाल आदि शामिल रहे।