उधर, सीसीआई लैब पर भी जांच के लिए पंजीकरण, फीस जमा करने के लिए एकीकृत काउंटर न होने से भी परेशानी दूर नहीं हो पा रही है। अस्पताल के सहायक कुलसचिव और प्रशासनिक अधिकारी विश्वजीत साहा ने बताया है कि तकनीकी वजह से सिस्टम में नई व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका है। अब 22 नवंबर की शाम 7 बजे से सुविधाएं लागू हो जाएंगी। इसमें 4 पेज वाली ओपीडी पर्ची की जगह 28 पेज की बुकलेट मिलेगी। इसकी वैधता 6 महीने से बढ़ाकर एक साल कर दी गई है।