वाराणसी। कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देख स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को नई गाइडलाइन जारी की गई है। केवल कोरोना संक्रमित गंभीर बच्चों को ही कोविड अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। बाकी को होम आइसोलेशन में रखकर निगरानी की जाएगी। उन्हें न तो स्ट्रायड दिया जाएगा न ही रेमडेसिविर इंजेक्शन और आइवरमेक्टिंन दी जाएगी।
सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि जिन बच्चों का ऑक्सीजन लेवल 90 से कम आता है और उन्हें गंभीर निमोनिया, एक्यूट रिसपाइटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम, सैप्टिक शॉक, मल्टी ऑर्गन सिंड्रोम जैसी बीमारियां की आशंका हो उन्हें भर्ती कराने और जरूरत पड़ने पर आईसीयू में शिफ्ट कराने को कहा गया है। ऐसे बच्चों को स्ट्रायड दिए जा सकते हैं। पेट दर्द, उल्टी व दस्त की समस्या वाले बच्चों का कोरोना मरीज के तौर पर इलाज किया जाएगा। उनका स्टूल टेस्ट कराने पर पुष्ट हो जाएगा कि उन्हें कोरोना है या नहीं।